बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
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मध्य प्रदेश: पुलिस के हेड कॉन्स्टेबल पर लोकायुक्त का छापा, करोड़ों की बेहिसाब संपत्ति का खुलासा

मध्य प्रदेश में आय से अधिक संपत्ति के एक मामले में पुलिस विभाग के एक हेड कॉन्स्टेबल के खिलाफ बड़ी कार्रवाई हुई है। बुधवार सुबह इंदौर और देवास में 15 ठिकानों पर लोकायुक्त पुलिस ने एक साथ छापेमारी की…

मध्य प्रदेश: पुलिस के हेड कॉन्स्टेबल पर लोकायुक्त का छापा, करोड़ों की बेहिसाब संपत्ति का खुलासा
(फोटो: IANS)

मध्य प्रदेश में आय से अधिक संपत्ति के एक मामले में पुलिस विभाग के एक हेड कॉन्स्टेबल के खिलाफ बड़ी कार्रवाई हुई है। बुधवार सुबह इंदौर और देवास में 15 ठिकानों पर लोकायुक्त पुलिस ने एक साथ छापेमारी की, जिसमें शुरुआती जांच में ही 6.26 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति का पता चला है। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, यह संपत्ति हेड कॉन्स्टेबल की अनुमानित आय से 223 प्रतिशत अधिक है।

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आरोपी की पहचान फिरोज खान के रूप में हुई है, जो इंदौर के पुलिस प्रशिक्षण कॉलेज (PTC) में ड्राइवर के पद पर तैनात है। लोकायुक्त को मिली शिकायतों के आधार पर सुबह 6 बजे इंदौर और उज्जैन की संयुक्त टीमों ने यह कार्रवाई शुरू की।

छापेमारी और संपत्ति का ब्योरा

लोकायुक्त टीमों ने देवास में 11 और इंदौर में 4 जगहों पर तलाशी ली, जिनमें कई मकान, फ्लैट, व्यावसायिक प्रतिष्ठान और खेती की जमीन शामिल हैं। देवास के आदर्श नगर, पुष्पकुंज कॉलोनी, विजय नगर कॉलोनी, इंदिरा गांधी नगर और राधागंज जैसे इलाकों में संपत्तियों की जांच की गई। वहीं, इंदौर के बाणगंगा, स्कीम नंबर 94 और श्रीनगर कॉलोनी स्थित ठिकानों पर भी छापे मारे गए।

लोकायुक्त एसपी राजेश सहाय ने पत्रकारों को बताया, "प्रारंभिक जांच में लगभग 6.26 करोड़ रुपए की आय से अधिक संपत्ति का पता चला है, जो उसकी अनुमानित आय से लगभग 223 प्रतिशत अधिक है।" उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि खान की वेतन से कुल आय करीब 75 लाख रुपये आंकी गई है, जबकि अन्य सभी स्रोतों को मिलाकर भी उसकी कुल वैध आय 1.93 करोड़ रुपये के आसपास ही बनती है।

कैसे जमा की इतनी संपत्ति?

शिकायत के अनुसार, फिरोज खान पर अपने पद का दुरुपयोग कर देवास क्षेत्र में जमीनी विवादों में हस्तक्षेप करने का आरोप है। लोकायुक्त की जांच में यह भी सामने आया है कि उसने परिवार के सदस्यों और एक परिचित महिला, रोशनी वर्मा, के नाम पर संपत्तियां खरीदीं और बिचौलियों के जरिए निवेश किया। वर्मा को भी भूमि खरीद में कथित भूमिका के लिए मामले में आरोपी बनाया गया है।

जांच के दौरान साहिल ट्रेडिंग कंपनी नाम की एक फर्म का पता चला, जो खान की मां और पत्नी के नाम पर पंजीकृत है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस फर्म के खाते से करोड़ों रुपये के लेनदेन हुए हैं। इसके अलावा, रॉयल ग्रीन रियल एस्टेट नामक एक फर्म के जरिए किए गए निवेश और रोशनी वर्मा द्वारा संचालित रोशनी सेल्स एंड सर्विस फर्म भी जांच के दायरे में है।

मामले में इंदौर जिले की सांवेर तहसील के गुरन गांव में लगभग 21.75 बीघा कृषि भूमि का एक सौदा भी शामिल है, जिसमें खान ने कथित तौर पर एक पारिवारिक विवाद का फायदा उठाकर जमीन का सौदा अपनी परिचित रोशनी वर्मा के नाम पर करा लिया था। लोकायुक्त अब संबंधित दस्तावेजों की जांच कर रहा है।

इनपुट: IANS

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News4Social मध्य प्रदेश डेस्क

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