पीएम मोदी के दिसंबर दौरे से भारत-कनाडा संबंधों में आएगी मज़बूती, व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर की उम्मीद: उच्चायुक्त
भारत और कनाडा के बीच पिछले एक साल से द्विपक्षीय संबंधों को फिर से पटरी पर लाने की कोशिशें जारी हैं, और अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दिसंबर में प्रस्तावित कनाडा यात्रा को इस दिशा में एक 'तार्किक…
भारत और कनाडा के बीच पिछले एक साल से द्विपक्षीय संबंधों को फिर से पटरी पर लाने की कोशिशें जारी हैं, और अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दिसंबर में प्रस्तावित कनाडा यात्रा को इस दिशा में एक 'तार्किक कदम' के रूप में देखा जा रहा है। समाचार एजेंसी IANS के साथ एक विशेष साक्षात्कार में कनाडा में भारत के उच्चायुक्त दिनेश के. पटनायक ने कहा कि इस दौरे से दोनों देशों के रिश्ते और मज़बूत होंगे।
उच्चायुक्त के अनुसार, पीएम मोदी का यह दौरा लगभग 11 साल के लंबे अंतराल के बाद हो रहा है, क्योंकि उन्होंने आखिरी बार 2015 में कनाडा का दौरा किया था। इस वजह से वहां बसे करीब 30 लाख भारतीय मूल के लोगों में इसे लेकर ज़बरदस्त उत्साह है और वे प्रधानमंत्री से मिलने के लिए उत्सुक हैं।
व्यापार और कूटनीति
दिनेश के. पटनायक ने बताया कि दोनों देशों के बीच व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (सीईपीए) पर बातचीत तेज़ी से आगे बढ़ी है और चौथे दौर की वार्ता पूरी हो चुकी है। उन्होंने विश्वास जताया, "जब पिछले साल नवंबर में दोनों प्रधानमंत्रियों की जोहान्सबर्ग में मुलाकात हुई, तो उन्होंने एक साल के भीतर वार्ता समाप्त करने पर सहमति जताई थी। मुझे विश्वास है कि हम नवंबर तक इन्हें पूरा कर लेंगे।" उम्मीद है कि प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा के दौरान इस महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर किए जा सकते हैं।
बढ़ते द्विपक्षीय संपर्क
पिछले एक साल में दोनों देशों के बीच कई उच्च-स्तरीय दौरे हुए हैं, जिससे रिश्तों में सुधार की नींव रखी गई। कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने इस साल फरवरी-मार्च में भारत का दौरा किया था। इसके अलावा, दोनों देशों के विदेश मंत्री 12 से अधिक बार मिल चुके हैं। रक्षा मंत्री, व्यापार मंत्री, ऊर्जा मंत्री और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार स्तर पर भी लगातार बैठकें हुई हैं। पटनायक ने कहा, "इन सभी चीजों को मिलाकर, ये घटनाक्रम हमें एक ऐसे चरण पर ले आए हैं जहां प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा अगला तार्किक कदम है।"
सुरक्षा सहयोग पर ज़ोर
अंतरराष्ट्रीय अपराध, आतंकवाद और संगठित अपराध जैसी साझा चुनौतियों से निपटने के लिए भी भारत और कनाडा मिलकर काम कर रहे हैं। उच्चायुक्त ने बताया कि दोनों देशों की कानून प्रवर्तन और खुफिया एजेंसियों के बीच सहयोग लगातार बढ़ा है। उन्होंने कहा कि भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और कनाडाई प्रधानमंत्री के वरिष्ठ सलाहकार डेविड मॉरिसन के बीच हालिया बातचीत बेहद महत्वपूर्ण थी, क्योंकि सुरक्षा तंत्रों के बीच समन्वय ही द्विपक्षीय संबंधों का आधार है।
इनपुट: IANS



