राजस्थान: सरपंच पद के लिए 11 करोड़ की बोली? बाड़मेर के एक वीडियो ने उठाए चुनावी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल
राजस्थान में आगामी पंचायती राज चुनावों से पहले, बाड़मेर जिले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसने लोकतांत्रिक प्रक्रिया को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है। इस वीडियो में कथित तौर पर…
राजस्थान में आगामी पंचायती राज चुनावों से पहले, बाड़मेर जिले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसने लोकतांत्रिक प्रक्रिया को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है। इस वीडियो में कथित तौर पर लंगेरा ग्राम पंचायत का सरपंच पद "नीलामी" के ज़रिए तय करने और इसके लिए 11 करोड़ रुपये तक की बोली लगने का दावा किया जा रहा है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, यह वीडियो सामने आने के बाद पूरे इलाके में हलचल मची हुई है।
हालांकि, News4Social इस वीडियो की प्रामाणिकता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है, न ही इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि हुई है। रिपोर्टों के मुताबिक, यह वीडियो 11 अक्टूबर को हुई ग्रामीणों की एक बैठक का है। बताया जा रहा है कि बैठक का उद्देश्य गांव के विकास, शिक्षा और रोजगार जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा करना था।
क्या है नीलामी का पूरा मामला?
वायरल वीडियो के साथ किए जा रहे दावों के अनुसार, बैठक के दौरान ही निर्विरोध सरपंच चुनने के लिए पैसों की पेशकश का प्रस्ताव रखा गया। चर्चा कथित तौर पर एक करोड़ रुपये से शुरू हुई, जो देखते ही देखते पांच करोड़ और फिर 11 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। सोशल मीडिया पर एक और दावा किया जा रहा है कि एक व्यक्ति ने तीन दिनों के भीतर पांच करोड़ रुपये देने की पेशकश भी की थी।
दिलचस्प बात यह है कि लंगेरा ग्राम पंचायत में सरपंच का पद सामान्य वर्ग की महिला के लिए आरक्षित है। ऐसे में एक आरक्षित पद के लिए करोड़ों रुपये की बोली की चर्चा ने चुनावी पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ग्रामीणों ने ठुकराया प्रस्ताव?
इस विवाद के बीच एक दावा यह भी सामने आया है कि ग्रामीणों ने इस कथित बोली व्यवस्था को सिरे से खारिज कर दिया। कहा जा रहा है कि उन्होंने सरपंच का चयन लोकतांत्रिक चुनावी प्रक्रिया के माध्यम से ही करने पर जोर दिया। हालांकि, IANS के मुताबिक, इस दावे की भी कोई प्रशासनिक या आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल, इस पूरे प्रकरण की सच्चाई आधिकारिक जांच के बाद ही सामने आ पाएगी।
इनपुट: IANS



