मध्य प्रदेश: भागीरथपुरा घटना के बाद हटाए गए अधिकारी को कलेक्टर बनाने पर कांग्रेस ने उठाए सवाल
मध्य प्रदेश में मंगलवार देर रात हुए एक बड़े प्रशासनिक फेरबदल के बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस ने इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई 36 मौतों के मामले में हटाए गए एक अधिकारी को…
मध्य प्रदेश में मंगलवार देर रात हुए एक बड़े प्रशासनिक फेरबदल के बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस ने इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई 36 मौतों के मामले में हटाए गए एक अधिकारी को रायसेन जिले का कलेक्टर नियुक्त करने पर गंभीर सवाल उठाए हैं। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस नियुक्ति को लेकर मोहन सरकार पर निशाना साधा है।
यह पूरा मामला आईएएस अधिकारी रोहित सिसोनिया की नई पदस्थापना से जुड़ा है। उन्हें हालिया तबादलों में रायसेन का कलेक्टर बनाया गया है। जीतू पटवारी ने याद दिलाया कि सिसोनिया को इंदौर के भागीरथपुरा में हुई त्रासदी के बाद उनके पद से हटाया गया था। उन्होंने इस घटना को 'आपराधिक' बताते हुए कहा कि पीड़ित परिवार आज भी न्याय का इंतजार कर रहे हैं।
कांग्रेस ने सरकार से पूछे सवाल
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि भागीरथपुरा मामले की जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाए और दोषियों की जिम्मेदारी तय हो। उन्होंने सरकार से पूछा कि संबंधित अधिकारी को कलेक्टर बनाने से पहले किन तथ्यों पर विचार किया गया। पटवारी ने आरोप लगाया कि प्रदेश में तबादलों में पारदर्शिता की कमी है और यह 'ट्रांसफर उद्योग' अब 'ट्रांसफर फैक्ट्री' बन चुका है, जहां जवाबदेही की जगह 'जुगाड़' को प्राथमिकता दी जा रही है।
राज्य में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल
गौरतलब है कि राज्य सरकार ने मंगलवार को एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 23 आईएएस अधिकारियों के तबादले किए थे। इनमें 11 जिलों के कलेक्टर भी बदले गए हैं। इसी फेरबदल के तहत रोहित सिसोनिया को रायसेन की कमान सौंपी गई है। अन्य महत्वपूर्ण बदलावों में रश्मि अरुण शमी को स्वास्थ्य विभाग का अतिरिक्त मुख्य सचिव (एसीएस), सुखबीर सिंह को मुख्यमंत्री का प्रमुख सचिव और भारत यादव को जनसंपर्क विभाग का सचिव बनाया गया है।
इनपुट: IANS



