यूक्रेन पर रूस का बड़ा हमला: ज़ेलेंस्की का आरोप, युद्धविराम के दायरे वाले ऊर्जा ठिकाने भी बने निशाना
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने दावा किया है कि रूस ने रातभर में हुए हमलों में जानबूझकर उन ऊर्जा ठिकानों को भी निशाना बनाया है, जो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा घोषि…
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने दावा किया है कि रूस ने रातभर में हुए हमलों में जानबूझकर उन ऊर्जा ठिकानों को भी निशाना बनाया है, जो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा घोषित युद्धविराम के दायरे में आते थे। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इन हमलों के कारण देश में कम से कम छह लाख लोग बिना बिजली के रहने को मजबूर हो गए हैं।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ज़ेलेंस्की ने कहा कि यह हमला रूस द्वारा 'अमेरिका के प्रति खुले अनादर' को दर्शाता है और यह भी साबित करता है कि रूस अमेरिकी राष्ट्रपति के बयानों को गंभीरता से नहीं ले रहा है। उन्होंने कहा, "रूस ने तनाव कम करने का अवसर गंवा दिया है और युद्ध जारी रखने का रास्ता चुना है।"
हमले का पैमाना और नुकसान
यूक्रेनी राष्ट्रपति के मुताबिक, रूस ने यूक्रेन के ऊर्जा और महत्वपूर्ण केंद्रों पर 39 बैलिस्टिक मिसाइलों और 120 से अधिक हमलावर ड्रोन व लोइटरिंग म्यूनिशन से हमला किया। इन हमलों में मुख्य रूप से कीव, कीव क्षेत्र और खार्किव के ऊर्जा एवं महत्वपूर्ण बुनियादी ढाँचे को निशाना बनाया गया।
ज़ेलेंस्की ने बताया कि इन हमलों से देश की बिजली व्यवस्था से जुड़े 26 केंद्रों और तेल एवं गैस क्षेत्र की चार सुविधाओं को भारी नुकसान पहुँचा है। उन्होंने आशंका जताई कि बिजली कटौती का दायरा और भी बढ़ सकता है।
अमेरिका से मदद और प्रतिबंधों की अपील
इस घटना के बाद, वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से रूस पर कड़े प्रतिबंध लगाने की अपील की। उन्होंने अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम के उस विधेयक का भी उल्लेख किया जो अब कानून बन चुका है और रूस के खिलाफ कड़े कदमों को अधिकृत करता है।
यूक्रेन के राष्ट्रपति ने अपनी सुरक्षा मजबूत करने के लिए अमेरिका, यूरोप और अन्य सहयोगी देशों से अतिरिक्त पैट्रियट मिसाइल इंटरसेप्टर देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, "अमेरिकी राष्ट्रपति के पास दबाव और ताकत के जरिए शांति की दिशा में आगे बढ़ने के प्रभावी साधन मौजूद हैं।"
इनपुट: IANS



