भारत विश्वभर में अपने धर्मनिरपेक्षता के लिए मशहूर है। यहाँ हर धर्म, जाति के लोगों को सामान रूप से रहने की आज़ादी है और साथ ही किसी के साथ उसके धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं होगा। यहाँ मंदिर के साथ -साथ मस्जिद, गिरजाघर है लेकिन आपको बताना चाहेंगे की स्लोवाकिया नामक देश में मुस्लिम रहते तो जरूर हैं लेकिन वहां कोई मस्जिद नहीं है और ना ही वहां के लोगों को इसे बनाने की अनुमति है। वर्ष 2010 में यहां मुस्लिमों की आबादी 5000 के करीब थी। वो देश की कुल आबादी का 0.1 फीसदी थे। यहां जो मुस्लिम 17वीं सदी के आसपास आए वो तुर्क और उइगर थे, जो स्लोवाकिया के मध्य और दक्षिण हिस्से में बस गए. कभी ये देश यूगोस्लाविया कहलाता था. उसके बाद ये जब टूटा तो अलग देश बन गया और के नाम से जाने जाना लगा।
आपको बताना चाहेंगे की स्लोवाकिया में मस्जिद न बनाने की असली वजह है की स्लोवाकिया यूरोपीय यूनियन का सदस्य जरूर है लेकिन वो ऐसा देश है, जो सबसे आखिर में इसका मेम्बरशिप पाई। यहां कोई मस्जिद नहीं है. इसे लेकर भी काफी विवाद उठे। वर्ष 2000 में स्लोवाकिया की राजधानी में इस्लामिक सेंटर बनाने पर बहुत विवाद हुआ। ब्रातिसिओवा के मेयर ने स्लोवाक इस्लामिक वक्फ फाउंडेशन के ऐसे किसी भी प्रस्ताव को खारिज कर दिया।
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स्लोवाकिया के नियम भी काफी कड़े है। आप जानकर हैरान हो जाएंगे की ध्वनि प्रदूषण से निपटने के लिए कड़ा कानून बना हुआ है, यहाँ आप 10 बजे सुबह से लेकर शाम 06.00 बजे तक किसी से खराब व्यवहार नहीं कर सकते, हल्ला नहीं मचा सकते , प्रदर्शन नहीं कर सकते है। अगर इस नियम को तोडा गया तो पुलिस आपके खिलाग कड़ा कदम उठा सकती है आपको जेल में बंद कर सकती है साथ ही मोटा जुर्माना भी लगा सकती है।
















