नागार्जुनसागर-श्रीशैलम टाइगर रिजर्व में बाघ की मौत: जांच तेज, दो संदिग्ध गिरफ्तार
आंध्र प्रदेश के नल्लामल्ला जंगल में एक बाघ की संदिग्ध मौत की गुत्थी सुलझाने की दिशा में वन विभाग ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, यह कार्रवाई राज्य के…
आंध्र प्रदेश के नल्लामल्ला जंगल में एक बाघ की संदिग्ध मौत की गुत्थी सुलझाने की दिशा में वन विभाग ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, यह कार्रवाई राज्य के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण के जांच तेज करने के आदेश के बाद हुई है। गिरफ्तार किए गए संदिग्धों की पहचान गुंटूर जिले के मेडिकुंडुर निवासी अंजी और विरंजनेयुलु के रूप में हुई है, जिन्हें पूछताछ के लिए मार्कापुरम जिले के गिद्दलुर ले जाया गया है।
यह मामला 31 जुलाई को सामने आया था, जब मार्कापुरम जिले में स्थित नागार्जुनसागर-श्रीशैलम टाइगर रिजर्व (NSTR) के राचेरला वन क्षेत्र में एक वयस्क बाघ का शव मिला था। अधिकारियों को शव गुंडलाकम्मा रेंज के टेट्टू मदुगु के पास क्षत-विक्षत हालत में मिला था।
जांच और फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार
वन अधिकारियों का अनुमान है कि बाघ की मौत शव मिलने से लगभग 35 से 40 दिन पहले हुई होगी। शव से बाघ के पंजे और पैर गायब थे, जिससे यह आशंका जताई जा रही है कि अवैध व्यापार के लिए शिकारियों ने उसके अंग निकाल लिए। हालांकि, मौत के असली कारण का पता लगाने के लिए कई पहलुओं से जांच की जा रही है, जिसमें शिकार, जहरीला चारा या कोई अन्य वजह शामिल है।
बाघ के अवशेषों को फोरेंसिक और पोस्टमार्टम जांच के लिए हैदराबाद के सेंटर फॉर सेलुलर एंड मॉलिक्यूलर बायोलॉजी (CCMB) और बरेली के इंडियन वेटरनरी रिसर्च इंस्टीट्यूट (IVRI) भेजा गया है। जांचकर्ता अब मौत का सटीक कारण जानने के लिए इन रिपोर्ट्स का इंतजार कर रहे हैं।
उपमुख्यमंत्री ने दिए थे जांच के निर्देश
इस घटना पर गंभीर चिंता जताते हुए राज्य के उपमुख्यमंत्री और वन मंत्री पवन कल्याण ने 1 अगस्त को व्यापक जांच के आदेश दिए थे। उन्होंने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा था, "प्रकृति का संतुलन बनाए रखने के लिए बाघों का संरक्षण बेहद जरूरी है। एक भी बाघ की जान जाना गंभीर चिंता का विषय है।" उन्होंने आगे कहा कि यह घटना "हमारे जंगलों और वन्यजीवों की रक्षा करने की हमारी जिम्मेदारी की एक और याद दिलाती है।" पवन कल्याण ने बताया कि उन्होंने NSTR के फील्ड डायरेक्टर को मौत के कारणों का पता लगाने के लिए पारदर्शी जांच करने का निर्देश दिया है।
इनपुट: IANS



