केरल में मूसलाधार बारिश से भारी तबाही, 3 लोगों की मौत और हज़ारों विस्थापित
केरल के मध्य और पहाड़ी ज़िलों में शनिवार को हुई भारी बारिश ने तबाही मचा दी है, जिसके चलते हुए भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ की घटनाओं में कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के…
केरल के मध्य और पहाड़ी ज़िलों में शनिवार को हुई भारी बारिश ने तबाही मचा दी है, जिसके चलते हुए भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ की घटनाओं में कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, एक व्यक्ति अब भी लापता है और हज़ारों लोगों को अपना घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने बड़े पैमाने पर बचाव और राहत अभियान शुरू कर दिया है।
आपदा में जान गंवाने वालों में इडुक्की के कुदयाथूर में भूस्खलन की चपेट में आईं सुमति, वागामोन के पास कोलाहलामेडु में घर पर चट्टान गिरने से मारे गए 72 वर्षीय प्रभाकरन नायर और पूनजर थेक्केकरा में घर ढहने से जान गंवाने वाली 24 वर्षीय जोसेफिन जॉनी शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि जोसेफिन की मां रेजिना के मलबे में दबे होने की आशंका है और उनकी तलाश के लिए अभियान जारी है।
सबसे ज़्यादा प्रभावित पथानमथिट्टा ज़िला
बाढ़ का सबसे विकराल रूप पथानमथिट्टा ज़िले में देखने को मिला, जहाँ हालात 2018 की विनाशकारी बाढ़ की याद दिला रहे हैं। ज़िले के कुछ हिस्सों में 330 मिमी से ज़्यादा बारिश दर्ज की गई, जिससे पंबा नदी का जलस्तर कुछ ही घंटों में ख़तरनाक ढंग से बढ़ गया। इस कारण रानी और कोन्नी के बड़े इलाके जलमग्न हो गए। रानी शहर का संपर्क लगभग पूरी तरह टूट गया है और दुकानें व घर पानी में डूबने से करोड़ों रुपये के नुक़सान का अनुमान है। बिजली गुल होने के बाद लोग अपने घरों की ऊपरी मंजिलों पर शरण लेने को मजबूर हो गए, जिन्हें बचाव दल नावों के ज़रिए सुरक्षित निकाल रहा है।
सरकार ने राहत कार्य तेज़ किए
मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने स्थिति की समीक्षा करते हुए राजस्व मंत्री ए.पी. अनिल कुमार को आपदा प्रबंधन कार्यों के समन्वय की ज़िम्मेदारी सौंपी है। मुख्यमंत्री ने NDRF, पुलिस और अग्निशमन विभाग को पूरी तरह अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया है। राजस्व मंत्री ने बताया कि दो राज्य मंत्री इडुक्की में राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं और पथानमथिट्टा में अतिरिक्त बचाव नौकाएं भेजी गई हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि बाढ़ का पानी अलाप्पुझा की ओर बढ़ सकता है, जहाँ पहले ही अलर्ट जारी कर दिया गया है।
इस बीच, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आठ ज़िलों—पथानमथिट्टा, कोट्टायम, इडुक्की, मलप्पुरम, कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड—के लिए अत्यधिक भारी बारिश का 'रेड अलर्ट' जारी किया है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने नदी किनारे और भूस्खलन की आशंका वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है।
इनपुट: IANS



