105 करोड़ की बैंक धोखाधड़ी: CBI ने NCS शुगर्स के ठिकानों पर की छापेमारी, दस्तावेज़ ज़ब्त
पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के साथ 105.44 करोड़ रुपये की कथित लोन धोखाधड़ी के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई की है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, जांच एजेंसी…
पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के साथ 105.44 करोड़ रुपये की कथित लोन धोखाधड़ी के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई की है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, जांच एजेंसी ने हैदराबाद, विजयनगरम और काकीनाडा में NCS शुगर्स लिमिटेड से जुड़े 10 व्यावसायिक और आवासीय ठिकानों पर एक साथ तलाशी ली।
यह पूरा मामला PNB की चेन्नई शाखा द्वारा दर्ज कराई गई एक शिकायत पर आधारित है। शिकायत के बाद, सीबीआई की बेंगलुरु स्थित बैंकिंग सिक्योरिटीज़ एंड फ्रॉड ब्रांच ने NCS शुगर्स लिमिटेड, उसके निदेशकों और कुछ अज्ञात सरकारी कर्मचारियों के ख़िलाफ़ बैंक धोखाधड़ी का केस दर्ज किया था।
तलाशी में क्या मिला?
एक आधिकारिक बयान में सीबीआई ने बताया कि तलाशी अभियान के दौरान कई आपत्तिजनक दस्तावेज़, जांच से जुड़े ज़रूरी रिकॉर्ड और डिजिटल सबूत बरामद किए गए हैं। एजेंसी के मुताबिक, ज़ब्त किए गए सामान की जांच की जा रही है ताकि आपराधिक साज़िश की पूरी रूपरेखा, पैसों के हेरफेर और इसमें शामिल लोगों की भूमिका का पता लगाया जा सके। तलाशी अभियान में कंपनी के पंजीकृत कार्यालय, फैक्ट्री और निदेशकों के आवासीय परिसर शामिल थे।
धोखाधड़ी का आरोप क्या है?
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कंपनी ने आपराधिक साज़िश, धोखाधड़ी और जालसाज़ी के तहत बैंक को फ़र्ज़ी दस्तावेज़ सौंपे। इन्हीं दस्तावेज़ों के आधार पर क्रेडिट सुविधाएं ली गईं। बाद में, इस लोन की रकम को तय कारोबारी कामों में लगाने के बजाय दूसरी जगह इस्तेमाल किया गया। सीबीआई ने कहा कि आरोपी कंपनी बैंक का बकाया चुकाने में नाकाम रही, जिससे उसका लोन अकाउंट डिफ़ॉल्ट हो गया और बैंक को 105.44 करोड़ रुपये का नुक़सान उठाना पड़ा।
यह पहला मौका नहीं है जब NCS शुगर्स जांच के दायरे में आई है। इससे पहले 2017 में भी सीबीआई ने कंपनी के कम से कम दो अधिकारियों के खिलाफ एक अलग मामले में केस दर्ज किया था, जो 'प्रोजेक्ट एंड इक्विपमेंट कॉर्पोरेशन' के साथ 82.11 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी से जुड़ा था।
इनपुट: IANS



