आरजी कर मेडिकल कॉलेज केस: जांच तेज करने दिल्ली से कोलकाता पहुंची CBI की स्पेशल टीम
कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में दो साल पहले एक जूनियर डॉक्टर के साथ हुए दुष्कर्म और हत्या के मामले की जांच में तेजी लाने के लिए सीबीआई की एक विशेष टीम दिल्ली से कोलकाता पहुंच गई है। समाचार एजेंसी…
कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में दो साल पहले एक जूनियर डॉक्टर के साथ हुए दुष्कर्म और हत्या के मामले की जांच में तेजी लाने के लिए सीबीआई की एक विशेष टीम दिल्ली से कोलकाता पहुंच गई है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, चार सदस्यों वाली यह टीम सोमवार को यहां पहुंची, जो पीड़िता की दूसरी पुण्यतिथि (8 अगस्त) से ठीक पांच दिन पहले है।
यह जांच कलकत्ता उच्च न्यायालय के उस आदेश के बाद नए सिरे से शुरू की गई है, जिसमें केंद्रीय एजेंसी को मामले की फिर से पड़ताल करने का निर्देश दिया गया था। कोलकाता पहुंचने के तुरंत बाद, विशेष टीम ने सीबीआई की स्थानीय इकाई के अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक की। इसके बाद टीम ने मेडिकल कॉलेज और अस्पताल का दौरा किया और उस सेमिनार रूम का निरीक्षण किया जहां अपराध होने का संदेह है।
जांच में नए बदलाव और प्रगति
हाल ही में इस मामले की जांच टीम में अहम बदलाव किए गए हैं। जांच की धीमी गति को लेकर पीड़िता के माता-पिता द्वारा चिंता जताए जाने के बाद सीबीआई ने पिछली जांच अधिकारी सीमा पाहुजा की जगह संदीपनी गर्ग को नियुक्त किया था। पिछले हफ्ते ही सीबीआई ने सियालदह की एक अदालत में नई जांच से जुड़ी अपनी 11वीं स्टेटस रिपोर्ट भी दाखिल की है।
क्या था पूरा मामला?
9 अगस्त 2024 को अस्पताल परिसर के एक सेमिनार हॉल में युवा डॉक्टर का शव मिला था। जांच में पता चला कि ड्यूटी के दौरान उनके साथ दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई थी। इस घटना ने पूरे देश में आक्रोश पैदा कर दिया था और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए थे। शुरुआत में कोलकाता पुलिस ने मामले की जांच की थी, लेकिन बाद में अदालत के हस्तक्षेप पर इसे सीबीआई को सौंप दिया गया। इस मामले में कोलकाता पुलिस से जुड़े एक पूर्व सिविक वॉलंटियर संजय रॉय को दोषी ठहराया जा चुका है और वह फिलहाल उम्रकैद की सजा काट रहा है।
इनपुट: IANS



