ओडिशा बाढ़: 8.6 लाख से ज़्यादा लोग प्रभावित, सरकार ने राहत और मुआवज़े का काम तेज़ किया
ओडिशा में बाढ़ से मची तबाही के बाद अब राज्य सरकार ने राहत, पुनर्वास और नुकसान के आकलन की प्रक्रिया तेज़ कर दी है। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, प्रदेश के 22 ज़िलों में 8.63 लाख से ज़्यादा लोग बाढ़…
ओडिशा में बाढ़ से मची तबाही के बाद अब राज्य सरकार ने राहत, पुनर्वास और नुकसान के आकलन की प्रक्रिया तेज़ कर दी है। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, प्रदेश के 22 ज़िलों में 8.63 लाख से ज़्यादा लोग बाढ़ की चपेट में हैं और सरकार ने प्रभावितों को हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया है।
सोमवार को राजस्व और आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने बताया कि अब तक 2,67,301 लोगों को सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में पहुँचाया जा चुका है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जब तक हालात सामान्य न हो जाएँ, इन लोगों को शिविरों में ही रखा जाए और उनकी पूरी देखभाल की जाए।
राहत कार्य और मुआवज़े की तैयारी
प्रभावित इलाकों में मदद पहुँचाने के लिए 529 राहत शिविर और मवेशियों के लिए 31 विशेष शिविर चलाए जा रहे हैं। इन शिविरों में दूध, बिस्कुट और ब्रेड जैसी ज़रूरी चीज़ें मुहैया कराई जा रही हैं।
मंत्री सुरेश पुजारी ने कहा कि सरकार नुकसान के विस्तृत आकलन के बाद सभी पात्र लोगों को नियमों के अनुसार मुआवज़ा देगी। उन्होंने बताया कि सोमवार को ही अस्थायी मुआवज़े के तौर पर विभिन्न ज़िलों को 110 करोड़ रुपए की राशि जारी कर दी जाएगी।
फसलों और घरों के नुकसान का आकलन
सरकार ने कृषि विभाग को फसल के नुकसान का ज़मीनी स्तर पर आकलन करने का निर्देश दिया है, ताकि किसानों को जल्द से जल्द मुआवज़ा मिल सके। शुरुआती अनुमानों के अनुसार, धान सहित कई हेक्टेयर की फसल बर्बाद हो गई है।
सरकारी नियमों के तहत, पूरी तरह से तबाह हुए घर के लिए 1.20 लाख रुपए और आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त पक्के घर के लिए 6,500 रुपए दिए जाएँगे। इसके अलावा, झोपड़ी के लिए 8,000 रुपए और गौशाला के लिए 3,000 रुपए की सहायता राशि तय की गई है। पशुओं और अन्य घरेलू संपत्ति के नुकसान पर भी मुआवज़ा दिया जाएगा। मंत्री ने आश्वासन दिया कि कोई भी वास्तविक लाभार्थी मदद से वंचित नहीं रहेगा।
इनपुट: IANS



