नेपाल में बाढ़: सुरंगों में फंसे लोगों को बचाने भारत ने भेजी विशेष टीम, बचाव अभियान शुरू
नेपाल के बाढ़ प्रभावित इलाकों में जलविद्युत परियोजनाओं की सुरंगों में फंसे लोगों को बचाने के लिए भारत ने मदद का हाथ बढ़ाया है। नेपाल सरकार के अनुरोध पर भारत से 11 विशेषज्ञों की एक टीम मौके पर पहुँच…
नेपाल के बाढ़ प्रभावित इलाकों में जलविद्युत परियोजनाओं की सुरंगों में फंसे लोगों को बचाने के लिए भारत ने मदद का हाथ बढ़ाया है। नेपाल सरकार के अनुरोध पर भारत से 11 विशेषज्ञों की एक टीम मौके पर पहुँच गई है और बचाव अभियान में जुट गई है। इस टीम में डॉक्टर, पैरामेडिक्स और सुरंग बचाव अभियान में माहिर विशेषज्ञ शामिल हैं।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह विशेष भारतीय टीम रसुवा जिले में स्थित त्रिशूली 3ए हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट पहुँच चुकी है। टीम ने अपना काम शुरू करने से पहले हेलीकॉप्टर से चिलिमे और लांगतांग क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण करने की योजना बनाई है ताकि स्थिति का सही आकलन किया जा सके। काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास ने शनिवार को बताया कि टीम ने मौके पर सर्वेक्षण शुरू कर दिया है।
संयुक्त बचाव अभियान और चुनौतियाँ
इस बचाव अभियान में भारतीय दल के अलावा नेपाली सुरक्षाबलों की एक संयुक्त टीम भी लगातार काम कर रही है। नेपाल के प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने बताया कि नेपाली सेना, सशस्त्र पुलिस बल और नेपाल पुलिस के कुल 82 जवान शुक्रवार रात से ही सुरंग के प्रवेश द्वार को साफ करने में जुटे हैं। हालांकि, इलाके के खराब मौसम के कारण बचाव कार्य में गंभीर चुनौतियाँ आ रही हैं। स्थानीय विशेषज्ञता की कमी और धीमी प्रगति को देखते हुए ही नेपाल ने भारत और चीन से मदद माँगी थी।
बाढ़ का विनाशकारी प्रभाव
गौरतलब है कि 26 अगस्त को भोटे कोशी नदी में आई विनाशकारी बाढ़ ने नेपाल के रसुवा और नुवाकोट जिलों में भारी तबाही मचाई है। इंडिपेंडेंट पावर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन, नेपाल (IPPAN) के मुताबिक, इन दोनों जिलों में स्थित 11 जलविद्युत परियोजनाओं से जुड़े कुल 934 लोग अब भी लापता हैं और उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है। इनमें रसुवा की छह परियोजनाओं से 730 और नुवाकोट की पाँच परियोजनाओं से 204 लोग शामिल हैं। इस बाढ़ से कुल 675.6 मेगावाट की क्षमता वाली 13 जलविद्युत परियोजनाओं को नुकसान पहुँचा है।
भारतीय दूतावास ने यह भी स्पष्ट किया है कि वह नेपाल के राहत और बचाव कार्यों में लगातार सहयोग कर रहा है और बाढ़ में फँसे भारतीय नागरिकों के लिए भी नेपाली अधिकारियों के साथ संपर्क में है। हाल ही में, दूतावास के एक अधिकारी ने अपर त्रिशूली-1 परियोजना से बचाए गए भारतीय श्रमिकों से मुलाकात कर उनकी खैरियत जानी।
इनपुट: IANS



