SCO देशों के साथ चीन का व्यापार बढ़ा, रूस, भारत और कजाकिस्तान सबसे बड़े भागीदार
चीन और शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के सदस्य देशों के बीच आर्थिक और व्यापारिक रिश्ते लगातार मजबूत हो रहे हैं। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, इस साल के पहले सात महीनों में ही दोनों पक्षों के बीच व्यापार 24…
चीन और शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के सदस्य देशों के बीच आर्थिक और व्यापारिक रिश्ते लगातार मजबूत हो रहे हैं। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, इस साल के पहले सात महीनों में ही दोनों पक्षों के बीच व्यापार 24 खरब 20 अरब युआन तक पहुंच गया है, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 14.9 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि है।
चीनी सामान्य सीमा शुल्क प्रशासन द्वारा शुक्रवार को जारी आंकड़ों से यह जानकारी सामने आई है। यह आंकड़ा क्षेत्रीय आर्थिक सहयोग में बढ़ती संभावनाओं को रेखांकित करता है। हाल के वर्षों में चीन और एससीओ देशों के बीच आयात-निर्यात में एक स्थिर वृद्धि का रुझान देखने को मिला है। आंकड़ों के अनुसार, 2024 में यह व्यापार 36 खरब 50 अरब युआन था, जो 3.8 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर्शाता है। वहीं, 2025 में यह आंकड़ा 2.8 प्रतिशत बढ़कर 37 खरब 50 अरब युआन पर पहुंच गया।
निर्यात में मशीनरी और वाहनों का दबदबा
इस साल के शुरुआती सात महीनों में चीन ने एससीओ देशों को कुल 15 खरब 80 अरब युआन का निर्यात किया। इसमें सबसे बड़ी हिस्सेदारी इलेक्ट्रॉनिक और मशीनरी उत्पादों की रही, जिनका मूल्य 9 खरब 98 अरब 35 करोड़ युआन था। यह कुल निर्यात का 60 प्रतिशत से भी अधिक है। विशेष रूप से, ऑटोमोबाइल निर्यात में 71.2 प्रतिशत की जबरदस्त वृद्धि दर्ज की गई, जो 1 खरब 19 अरब 33 करोड़ युआन रहा। यह निर्यात वृद्धि में सबसे बड़ा एकल योगदान था।
आयात में ऊर्जा उत्पादों की अहम भूमिका
वहीं, आयात के मोर्चे पर चीन ने इसी अवधि में एससीओ देशों से 8 खरब 40 अरब 21 करोड़ युआन का सामान खरीदा। इसमें ऊर्जा उत्पादों का हिस्सा सबसे बड़ा रहा, जिनकी कीमत 3 खरब 64 अरब 76 करोड़ युआन थी। यह कुल आयात का 43.4 प्रतिशत है। इसके अलावा, धातु अयस्कों के आयात में 44.9 प्रतिशत और कृषि उत्पादों के आयात में 25.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।
चीन के शीर्ष व्यापारिक साझेदार
एससीओ देशों में रूस, भारत और कजाकिस्तान चीन के तीन सबसे बड़े व्यापारिक साझेदार बनकर उभरे हैं। इस साल के पहले सात महीनों में इन तीनों देशों के साथ चीन का कुल व्यापार 85.6 प्रतिशत रहा। रूस के साथ 11 खरब युआन, भारत के साथ 7 खरब 48 अरब 39 करोड़ युआन और कजाकिस्तान के साथ 2 खरब 24 अरब 29 करोड़ युआन का व्यापार हुआ। इसी दौरान किर्गिजस्तान के साथ 81 अरब 19 करोड़ युआन और मिस्र के साथ 95 अरब 19 करोड़ युआन का व्यापार दर्ज किया गया।
इनपुट: IANS



