पुणे में गणेशोत्सव से पहले पुलिस का बड़ा फैसला, 14 दिनों के लिए धारा 37 लागू, 5 से ज़्यादा लोग इकट्ठा नहीं हो सकेंगे
महाराष्ट्र के पुणे शहर में आगामी गणेशोत्सव और अन्य त्योहारों के मद्देनज़र, पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एक अहम प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस आदेश के…
महाराष्ट्र के पुणे शहर में आगामी गणेशोत्सव और अन्य त्योहारों के मद्देनज़र, पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एक अहम प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस आदेश के तहत पूरे पुणे पुलिस आयुक्तालय क्षेत्र में 14 दिनों के लिए महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम की धारा 37 लागू कर दी गई है।
यह आदेश 1 सितंबर की मध्यरात्रि से प्रभावी होकर 14 सितंबर की मध्यरात्रि तक लागू रहेगा। इसका सबसे बड़ा असर सार्वजनिक समारोहों और सभाओं पर पड़ेगा, क्योंकि धारा 37(3) के तहत पांच या उससे अधिक लोगों के एक जगह इकट्ठा होने या जुलूस निकालने पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। इसके लिए पुलिस आयुक्त से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
क्यों और क्या हैं पाबंदियाँ?
पुणे पुलिस ने यह कदम शहर में आने वाले दहीहंडी, वीर गोगादेव जयंती और गणेशोत्सव जैसे धार्मिक व सामाजिक कार्यक्रमों को देखते हुए उठाया है। साथ ही, विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों द्वारा किए जाने वाले मोर्चों, धरनों और प्रदर्शनों के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकने का भी लक्ष्य है। पुलिस का मानना है कि अतिक्रमण हटाने जैसी कार्रवाइयों के दौरान भी तनाव की स्थिति बन सकती है, जिसे देखते हुए यह फैसला ज़रूरी था।
इस 14-दिवसीय अवधि के दौरान कई गतिविधियों पर सख्त रोक रहेगी:
- हथियार और विस्फोटक: किसी भी तरह के हथियार जैसे तलवार, भाला, बंदूक, लाठी, पत्थर या अन्य चोट पहुँचाने वाली वस्तुएँ लेकर चलना या जमा करना प्रतिबंधित है। विस्फोटक और ज्वलनशील पदार्थ रखने पर भी मनाही है।
- प्रदर्शन और पुतले: किसी व्यक्ति या नेता के चित्र, प्रतिमा या पुतले का सार्वजनिक प्रदर्शन या दहन करने की अनुमति नहीं होगी।
- आपत्तिजनक सामग्री: ऐसे पोस्टर, बैनर या चित्र बनाना, दिखाना या फैलाना प्रतिबंधित रहेगा, जिससे सार्वजनिक नैतिकता या सुरक्षा पर असर पड़ सकता है।
- भड़काऊ भाषण: आपत्तिजनक नारे लगाने, भड़काऊ भाषण देने या सार्वजनिक शांति भंग करने वाली किसी भी गतिविधि पर पुलिस की पैनी नज़र रहेगी।
सोशल मीडिया पर भी रहेगी नज़र
इस बार पुलिस ने सोशल मीडिया पर होने वाली गतिविधियों को लेकर भी अपना रुख़ साफ़ कर दिया है। आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि किसी अपराधी की रील बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट करना, उसके ज़रिए दहशत फैलाना या किसी को धमकी देना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। ऐसा करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
किसे मिलेगी छूट?
यह प्रतिबंधात्मक आदेश ड्यूटी पर तैनात सरकारी कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा, जिन्हें अपने कर्तव्य के लिए हथियार रखना आवश्यक है। इसके अलावा, निजी सुरक्षा गार्ड, गुरखा और चौकीदार, जो 3.5 फीट तक लंबी लाठी रखते हैं, उन्हें भी इस आदेश से छूट दी गई है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों पर महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम, 1951 की धारा 135 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
इनपुट: IANS



