शनिवार, 29 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
दुनिया

नेपाल बाढ़: शवों की पहचान के लिए गुजरात से पहुँची फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम

नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ में जान गँवाने वाले सैकड़ों लोगों की पहचान के लिए भारत ने मदद का हाथ बढ़ाया है। गुजरात स्थित नेशनल फोरेंसिक साइंसेज यूनिवर्सिटी (NFSU) की 10 सदस्यीय विशेषज्ञ टीम डीएनए…

नेपाल बाढ़: शवों की पहचान के लिए गुजरात से पहुँची फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम
(फोटो: IANS)

नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ में जान गँवाने वाले सैकड़ों लोगों की पहचान के लिए भारत ने मदद का हाथ बढ़ाया है। गुजरात स्थित नेशनल फोरेंसिक साइंसेज यूनिवर्सिटी (NFSU) की 10 सदस्यीय विशेषज्ञ टीम डीएनए नमूनों के मिलान के ज़रिए पीड़ितों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए नेपाल पहुँच चुकी है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह मिशन भारत के विदेश और गृह मंत्रालय की संयुक्त निगरानी में चलाया जा रहा है।

विज्ञापन

यह आपदा 26 अगस्त को मध्य नेपाल और नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ के कारण हुई थी। इस त्रासदी में अब तक 669 लोगों के मरने की पुष्टि हो चुकी है, जबकि लगभग 2,000 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। कई भारतीय नागरिक भी इस बाढ़ से प्रभावित हुए हैं, जिनमें गुजरात से जुड़े 25 लोग भी शामिल हैं। विदेश मंत्रालय ने 28 अगस्त को जानकारी दी थी कि प्रभावित भारतीयों का पता लगाने और उन्हें सुरक्षित वापस लाने के प्रयास जारी हैं।

डीएनए से होगी पहचान

लापता लोगों के परिजन अपनों की ख़बर का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं, लेकिन शवों की पहचान करना राहत कार्यों में एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। इसी मुश्किल को हल करने के लिए NFSU की टीम भेजी गई है, जिसका नेतृत्व सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन डीएनए फोरेंसिक्स के प्रमुख भार्गव पटेल कर रहे हैं। विश्वविद्यालय ने कहा, "विशेषज्ञ बरामद शवों से डीएनए नमूने लेकर उन्हें परिजनों के नमूनों से मिलाएंगे और तय प्रक्रिया के अनुसार पहचान सुनिश्चित करेंगे।" पहचान प्रक्रिया पूरी होने के बाद टीम लापता लोगों के परिवारों को उनके प्रियजनों के बारे में पूरी जानकारी देगी।

आपदा में पहचान का पुराना अनुभव

NFSU को इस तरह के जटिल मामलों में काम करने का अनुभव है। विश्वविद्यालय ने बताया कि पिछले साल 12 जून को हुए AI-171 विमान हादसे के बाद भी टीम ने केवल 10 दिनों में मृतकों की डीएनए पहचान का काम पूरा कर लिया था। इसके अलावा, विश्वविद्यालय के फोरेंसिक विशेषज्ञों ने अमेरिका के रक्षा विभाग के साथ मिलकर द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान भारत में लापता हुए तीन अमेरिकी सैनिकों के अवशेषों का भी पता लगाया था।

इनपुट: IANS

N

News4Social इंटरनेशनल डेस्क

News4Social इंटरनेशनल डेस्क — IANS समेत लाइसेंस-प्राप्त समाचार एजेंसियों की फीड से अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम से जुड़ी ताज़ा व प्रामाणिक खबरें संपादकीय समीक्षा के बाद प्रकाशित करता है। हर खबर उसके स्रोत के श्रेय (credit) के साथ दी जाती है। सभी लेख देखें →

आगे पढ़ें

और देखें →