कर्नाटक कैबिनेट विस्तार: अनुभवी नेताओं और नए चेहरों में संतुलन, नागेंद्र की वापसी पर उठे सवाल
कर्नाटक में कांग्रेस सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार में अनुभवी नेताओं और नए चेहरों को एक साथ जगह देकर संतुलन साधने की कोशिश की गई है। हालांकि, समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, एक कथित घोटाले में…
कर्नाटक में कांग्रेस सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार में अनुभवी नेताओं और नए चेहरों को एक साथ जगह देकर संतुलन साधने की कोशिश की गई है। हालांकि, समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, एक कथित घोटाले में नाम आने के बाद इस्तीफा दे चुके विधायक बी. नागेंद्र को फिर से मंत्री बनाना पार्टी के सबसे चौंकाने वाले फैसलों में से एक माना जा रहा है। इस फैसले को लेकर विपक्ष सरकार पर हमलावर हो सकता है।
कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि नागेंद्र को दोबारा मंत्री बनाने से पहले पार्टी नेतृत्व ने वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी से कानूनी सलाह ली थी। बताया जा रहा है कि राज्य सीआईडी ने उन्हें क्लीन चिट दे दी है, लेकिन प्रवर्तन निदेशालय (ED) अभी भी वित्तीय अनियमितताओं की जांच कर रहा है।
कई दिग्गजों को नहीं मिली जगह
इस कैबिनेट विस्तार में कई बड़े नामों को जगह नहीं मिली, जो कांग्रेस आलाकमान की सोची-समझी रणनीति को दर्शाता है। मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की करीबी मानी जाने वाली पूर्व मंत्री लक्ष्मी हेब्बलकर को मंत्रिमंडल में शामिल न किया जाना एक बड़ा झटका माना जा रहा है। इनके अलावा, वरिष्ठ नेता एचसी महादेवप्या, तनवीर सैत, दिनेश गुंडू राव, एसएस मल्लिकार्जुन और एचके पाटिल जैसे कई अनुभवी नेता भी इस सूची से बाहर रह गए। हालांकि, दिनेश गुंडू राव ने कहा कि उन्हें कोई निराशा नहीं है और नए लोगों को मौका मिलना चाहिए।
नए मंत्रियों ने जताया आभार
मंत्रिमंडल में शामिल किए गए कई नए चेहरों ने पार्टी नेतृत्व का आभार व्यक्त किया है। पूर्व मंत्री मधु बंगारप्पा ने कहा, "मुझे मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के नेतृत्व में काम करने का अवसर मिला है। हम उन लोगों के लिए काम करेंगे जिन्होंने हमें वोट दिया है और जिन्होंने नहीं दिया है।" पूर्व मुख्यमंत्री एन. धर्म सिंह के बेटे अजय सिंह ने अपने पिता की सलाह को याद करते हुए कहा कि राजनीति में धैर्य रखना पड़ता है और उनकी सलाह सच साबित हुई। इसी तरह, शिवराज तंगदागी, टी. रघु मूर्ति और एचसी बालकृष्ण सहित अन्य नए मंत्रियों ने भी पार्टी नेतृत्व और अपने समर्थकों का धन्यवाद किया।
चौंकाने वाले अन्य नाम
मंत्रिमंडल में जमीर अहमद खान की वापसी और युवा चेहरे रिजवान अरशद का शामिल होना भी कई लोगों के लिए आश्चर्यजनक रहा। सूत्रों के मुताबिक, इन नेताओं को उनकी संगठनात्मक क्षमता और पार्टी के लिए किए गए कामों का इनाम मिला है। वहीं, पूर्व मंत्री संतोष लाड ने विस्तार का स्वागत करते हुए एक बार फिर श्रम विभाग संभालने की इच्छा जताई।
इनपुट: IANS



