कर्नाटक कैबिनेट विस्तार: भाजपा ने 'पेमेंट कोटा' और दागी नेताओं को शामिल करने का लगाया आरोप
कर्नाटक में हुए कैबिनेट विस्तार पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। विपक्ष के नेता आर. अशोक ने मंगलवार को कहा कि मंत्रिमंडल में 'पेमेंट कोटा' और 'दागी'…
कर्नाटक में हुए कैबिनेट विस्तार पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। विपक्ष के नेता आर. अशोक ने मंगलवार को कहा कि मंत्रिमंडल में 'पेमेंट कोटा' और 'दागी' नेताओं को जगह दी गई है, जबकि नए चेहरों और कई क्षेत्रों की अनदेखी की गई है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, बेंगलुरु में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अशोक ने यह भी दावा किया कि इस विस्तार से लगता है कि मुख्यमंत्री को अपनी टीम चुनने की पूरी आजादी नहीं थी।
अशोक ने आरोप लगाया, "नई कैबिनेट दागदार नेताओं से भरी है और कई लोगों को पैसे के बदले जगह मिली है। यह साफ है कि मुख्यमंत्री को अपनी टीम चुनने की आजादी नहीं थी।"
घोटाले और क्षेत्रीय असंतुलन पर सवाल
भाजपा नेता ने महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम घोटाले का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि बी. नागेंद्र को फिर से मंत्री बनाना गलत है। उन्होंने सवाल उठाया, "नागेंद्र इस मामले में जेल गए थे। उन्हें क्लीन चिट किसने दी और वापस कैबिनेट में कौन लाया?" उन्होंने कहा कि पिछली सरकार ने नागेंद्र को मंत्रालय से हटा दिया था, लेकिन मौजूदा सरकार ने उन्हें बहाल कर दिया।
इसके अलावा, अशोक ने कैबिनेट में क्षेत्रीय असंतुलन की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि यादगीर, रायचूर, विजयनगर, कोलार और चिक्कबल्लापुर जैसे जिलों को कोई प्रतिनिधित्व नहीं मिला, जिससे कई समुदायों की भी उपेक्षा हुई।
महिला प्रतिनिधित्व और पार्टी में असंतोष
विपक्ष के नेता ने इस बात पर जोर दिया कि विस्तारित कैबिनेट में एक भी महिला को शामिल नहीं किया गया है। उन्होंने कहा, "आबादी में महिलाओं की हिस्सेदारी लगभग 50 प्रतिशत है, फिर भी एक भी महिला को मंत्री नहीं बनाया गया है। यह कर्नाटक की महिलाओं के साथ धोखा है।" उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले महिला सशक्तीकरण की बात करने वाली कांग्रेस ने महिलाओं को प्रतिनिधित्व देने में विफल रही।
अशोक ने यह भी बताया कि कैबिनेट विस्तार के बाद कांग्रेस के भीतर ही बड़े पैमाने पर असंतोष है। उन्होंने कहा, "कुछ विधायकों ने इस्तीफा देने की धमकी दी है और कांग्रेस कार्यकर्ता खुद सरकार के खिलाफ विरोध कर रहे हैं... मुख्यमंत्री के पोस्टर फाड़ रहे हैं और उनके खिलाफ नारे लगा रहे हैं।"
संवैधानिक परंपराओं का उल्लंघन
आर. अशोक ने कांग्रेस पर संवैधानिक परंपराओं के उल्लंघन का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि स्पीकर और डिप्टी स्पीकर जैसे संवैधानिक पदों के लिए नामों की घोषणा पार्टी के लेटरहेड पर करना गलत है। उनके अनुसार, कांग्रेस ने इन पदों को सामान्य नियुक्तियों की तरह समझा है और इसके लिए उसे राज्य की जनता से माफी मांगनी चाहिए। अंत में, कावेरी जल विवाद पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने राज्य सरकार को चेतावनी दी कि वह कर्नाटक के हितों को नुकसान पहुंचाने वाला कोई भी फैसला न ले।
इनपुट: IANS



