अहमदाबाद: फुटपाथ से 1 महीने के बच्चे का अपहरण, 6 लाख में हुआ था सौदा, महिला समेत तीन गिरफ्तार
अहमदाबाद में फुटपाथ पर सो रहे एक मजदूर दंपत्ति के एक महीने सात दिन के बच्चे का अपहरण कर लिया गया, जिसे पुलिस ने सुलझा लिया है। इस मामले में एक 21 वर्षीय महिला सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है…
अहमदाबाद में फुटपाथ पर सो रहे एक मजदूर दंपत्ति के एक महीने सात दिन के बच्चे का अपहरण कर लिया गया, जिसे पुलिस ने सुलझा लिया है। इस मामले में एक 21 वर्षीय महिला सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस अपहरण के पीछे एक बड़ा गिरोह हो सकता है, जिसकी जड़ें उत्तर प्रदेश तक फैली हुई हैं और पुलिस अब मानव तस्करी के एंगल से भी जांच कर रही है।
यह घटना 2 अक्टूबर की सुबह लगभग 3:15 बजे की है, जब बच्चा न्यू रानीप इलाके में अहवाडिया झील के पास अपने माता-पिता के साथ सो रहा था। शिकायत मिलने पर साबरमती पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 137(2) के तहत मामला दर्ज किया गया। बाद में जांच के आधार पर मानव तस्करी और आपराधिक साजिश से जुड़ी धाराएं भी इसमें जोड़ी गईं।
पुलिस की मुस्तैदी और CCTV से मिला सुराग
अहमदाबाद क्राइम ब्रांच, साबरमती पुलिस और स्थानीय क्राइम ब्रांच (LCB) की टीमों ने मिलकर इस मामले की जांच शुरू की। बच्चे को शहर से बाहर ले जाने की आशंका के चलते रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों और एयरपोर्ट पर कड़ी निगरानी रखी गई। जांचकर्ताओं ने CCTV फुटेज, तकनीकी निगरानी और मुखबिरों की मदद से अपहरणकर्ता की पहचान रानीप निवासी 21 वर्षीय जिनाल परमार के रूप में की।
पुलिस ने जिनाल को साबरमती रेलवे स्टेशन के पास से पकड़ लिया। पूछताछ में उसने बताया कि बच्चे के अपहरण से पहले उसने न्यू रानीप और सोला सिविल अस्पताल के आसपास रेकी की थी। हालांकि, पुलिस की सख्त चेकिंग से घबराकर उसने बच्चे को न्यू रानीप इलाके में ही छोड़ दिया था, जिसे बाद में सुरक्षित बरामद कर लिया गया।
₹6 लाख का लालच और UP कनेक्शन
जांच में यह भी सामने आया कि जिनाल को उत्तर प्रदेश के बदायूं निवासी भावेश्वर उर्फ भानु जाटव ने एक साल से कम उम्र के बच्चे का इंतजाम करने के लिए 6 लाख रुपये का लालच दिया था। भानु फिलहाल नोएडा में रहता था और पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया है। जिनाल की मदद करने वाले उत्तर प्रदेश के दो नाबालिगों को भी बस और रेलवे स्टेशनों से पकड़ लिया गया, इससे पहले कि वे राज्य से बाहर भाग पाते।
पुलिस को शक है कि इस साजिश में और भी लोग शामिल हैं जो उत्तर प्रदेश में हो सकते हैं। मुख्य साजिशकर्ता की भूमिका का पता लगाने के लिए क्राइम ब्रांच की एक टीम को उत्तर प्रदेश भेजा गया है और गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है।
इनपुट: IANS



