अहमदाबाद: जेप्टो के 3 कर्मचारियों ने 10 लाख में बेचने के लिए किया 1 महीने के बच्चे का अपहरण, पुलिस ने किया नाकाम
गुजरात के अहमदाबाद में सड़क किनारे सो रहे एक श्रमिक परिवार के एक महीने के बच्चे को अगवा कर 10 लाख रुपये में बेचने की एक बड़ी साजिश को पुलिस ने नाकाम कर दिया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के…
गुजरात के अहमदाबाद में सड़क किनारे सो रहे एक श्रमिक परिवार के एक महीने के बच्चे को अगवा कर 10 लाख रुपये में बेचने की एक बड़ी साजिश को पुलिस ने नाकाम कर दिया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले में ऑनलाइन डिलीवरी प्लेटफॉर्म जेप्टो के तीन कर्मचारियों समेत चार लोगों पर कार्रवाई की गई है, जिनमें दो नाबालिग भी शामिल हैं। पुलिस ने बच्चे को सुरक्षित बचा लिया है।
अहमदाबाद के पुलिस कमिश्नर अनुपम सिंह गहलोत ने मंगलवार को बताया कि यह घटना 2 अक्टूबर की सुबह लगभग 4 बजे की है, जब तालाब किनारे रहने वाले एक श्रमिक परिवार ने अपने एक माह और सात दिन के बच्चे के लापता होने की सूचना दी। सूचना मिलते ही साबरमती पुलिस स्टेशन और क्राइम ब्रांच की टीमें तुरंत हरकत में आ गईं।
100 पुलिसकर्मियों और 1300 कैमरों से तलाशी
बच्चे को खोजने के लिए एक बड़ा अभियान चलाया गया। क्राइम ब्रांच और स्थानीय पुलिस की करीब 10 टीमों का गठन किया गया, जिसमें लगभग 100 अधिकारी और जवान शामिल थे। कमांड कंट्रोल रूम की मदद से 1300 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले गए। फुटेज में एक लड़की बच्चे को उठाकर स्कूटी पर ले जाती हुई दिखाई दी। पुलिस ने उसे ट्रैक करना शुरू किया।
मानव तस्करी का नोएडा कनेक्शन
पूछताछ में पता चला कि इस अपहरण की योजना नोएडा में बनाई गई थी। पुलिस कमिश्नर गहलोत के अनुसार, नोएडा निवासी भानु जाटव (22) ने इन लोगों को एक महीने के लड़के को अगवा करने का काम सौंपा था। इसके बदले 10 लाख रुपये मिलने थे, जिसमें से 4 लाख भानु को और 2-2 लाख रुपये तीनों अपहरणकर्ताओं को मिलने वाले थे।
पुलिस के अनुसार, आरोपी उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं और वहीं जेप्टो में काम करते हुए भानु के संपर्क में आए थे। पकड़े गए आरोपियों में राणीप क्षेत्र की रहने वाली जीनल परमार (21) और दो नाबालिग शामिल हैं।
अस्पताल में रेकी, फिर सड़क से उठाया बच्चा
आरोपियों ने घटना से 4-5 घंटे पहले सिविल हॉस्पिटल में भी बच्चा उठाने के लिए रेकी की थी, लेकिन वहां उन्हें सफलता नहीं मिली। इसके बाद जीनल को पता चला कि सड़क किनारे कई श्रमिक परिवार सोते हैं। वह रात करीब 2 बजे वहां गई और सोते हुए माता-पिता के पास से बच्चे को उठा लिया। हालांकि, पुलिस की नाकेबंदी और तलाशी अभियान के दबाव में लड़की ने बाद में बच्चे को उसी जगह वापस छोड़ दिया, जहाँ से उसे उठाया था। बच्चा पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ है। पुलिस अब इस मानव तस्करी नेटवर्क की गहरी जांच कर रही है।
इनपुट: IANS



