ट्रांसपोर्ट और MSME सेक्टर के लिए कैबिनेट के दो बड़े फैसले, पीएम मोदी ने बताया विकास के लिए अहम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा लिए गए दो महत्वपूर्ण फैसलों की सराहना की है, जिनका सीधा असर देश के परिवहन और MSME (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) क्षेत्र पर पड़ेगा…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा लिए गए दो महत्वपूर्ण फैसलों की सराहना की है, जिनका सीधा असर देश के परिवहन और MSME (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) क्षेत्र पर पड़ेगा। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, पीएम मोदी ने इन फैसलों को भारत की विकास यात्रा में मील का पत्थर बताया। सरकार ने एक ओर ट्रांसपोर्ट सेक्टर में समन्वय बढ़ाने के लिए एक नई अथॉरिटी को मंजूरी दी है, तो वहीं दूसरी ओर MSME को मजबूती देने के लिए एक बड़े फंड की स्थापना का निर्णय लिया है।
लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्ट में समन्वय के लिए ITLA
कैबिनेट ने इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट एंड लॉजिस्टिक्स अथॉरिटी (ITLA) के गठन को हरी झंडी दे दी है। सरकार का मानना है कि यह अथॉरिटी विभिन्न परिवहन मंत्रालयों और एजेंसियों के बीच लंबे समय से चली आ रही समन्वय की कमी को दूर करेगी। ITLA को एक विशेष प्रयोजन वाहन (Special Purpose Vehicle - SPV) के रूप में स्थापित किया जाएगा।
इसका मुख्य काम सड़क, रेल, बंदरगाह, हवाई और जल परिवहन के बीच बेहतर तालमेल बिठाना होगा। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर कहा कि इस पहल से डेटा-आधारित योजना बनाने और मल्टीमॉडल एकीकरण को बढ़ावा मिलेगा, जिसका देश के विकास पर दूरगामी प्रभाव पड़ेगा। इस कदम से परिवहन इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास में अधिक कुशलता और स्थिरता आने की उम्मीद है।
MSME की ग्रोथ के लिए 10,000 करोड़ का फंड
मंत्रिमंडल ने MSME क्षेत्र के लिए एक और बड़ा फैसला लेते हुए एसएमई ग्रोथ फंड (SGF) को मंजूरी दी है। प्रधानमंत्री ने इस कदम को "बड़ी खुशखबरी" बताते हुए कहा कि यह देश के अगली पीढ़ी के उद्योगपतियों को तैयार करने में मदद करेगा। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा, "यह एसएमई का विकास करने, उन्नत प्रौद्योगिकियों को अपनाने, विनिर्माण का विस्तार करने, वैश्विक बाजारों में प्रवेश करने और वैश्विक मूल्य शृंखलाओं के साथ जुड़ने का मंच प्रदान करता है।"
एक सरकारी बयान के मुताबिक, इस फंड के लिए केंद्र सरकार ने 10,000 करोड़ रुपए की प्रतिबद्धता जताई है, जो केंद्रीय बजट 2026-27 में घोषित पैकेज का हिस्सा है। यह फंड उस कमी को पूरा करेगा, जहाँ छोटे और मध्यम उद्योगों को विकास के लिए इक्विटी पूंजी मिलने में मुश्किल होती थी। SGF विनिर्माण, सेवा, तकनीक और इनोवेशन आधारित कंपनियों को आगे बढ़ने में मदद करेगा, जिससे वे भविष्य में वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकेंगी।
इनपुट: IANS



