टेलीकॉम सेक्टर में बहार: जून में 50 लाख नए ग्राहक जुड़े, कुल संख्या 1.35 अरब के करीब
भारत के टेलीकॉम सेक्टर ने जून महीने में शानदार बढ़ोतरी दर्ज की है। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक, देश में टेलीफोन ग्राहकों की कुल संख्या बढ़कर लगभग 1.35…
भारत के टेलीकॉम सेक्टर ने जून महीने में शानदार बढ़ोतरी दर्ज की है। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक, देश में टेलीफोन ग्राहकों की कुल संख्या बढ़कर लगभग 1.35 अरब हो गई है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, यह वृद्धि मई के 1.343 अरब के आंकड़े से 50 लाख अधिक है।
इस बढ़ोतरी का असर देश की कुल टेली-डेंसिटी पर भी दिखा, जो प्रति 100 लोगों पर टेलीफोन कनेक्शन की संख्या को दर्शाता है। जून के अंत तक यह आंकड़ा 94.02% से बढ़कर 94.31% हो गया। आंकड़ों से पता चलता है कि यह ग्रोथ शहरी और ग्रामीण, दोनों क्षेत्रों में हुई है। शहरी इलाकों में ग्राहकों की संख्या 78.77 करोड़ से बढ़कर 79.20 करोड़ हो गई, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में यह 55.53 करोड़ से बढ़कर 55.60 करोड़ पर पहुंच गई।
वायरलेस और ब्रॉडबैंड का दबदबा
इस ग्रोथ में सबसे बड़ा योगदान वायरलेस यानी मोबाइल सेवाओं का रहा। वायरलेस ग्राहकों की संख्या मई के 1.294 अरब से बढ़कर जून में 1.300 अरब हो गई, जो 0.45% की मासिक वृद्धि है। अकेले मोबाइल ग्राहकों की बात करें तो उनकी संख्या 1.277 अरब से बढ़कर 1.282 अरब हो गई।
इसी तरह, ब्रॉडबैंड सेवाओं का विस्तार भी जारी रहा। जून के अंत तक देश में ब्रॉडबैंड यूजर्स की कुल संख्या 1.080 अरब से बढ़कर 1.087 अरब हो गई, जो महीने-दर-महीने 0.68% की बढ़ोतरी है। फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस (FWA) सेवाओं, खासकर 5G आधारित सेवाओं के ग्राहक भी 1.27 करोड़ से बढ़कर 1.29 करोड़ हो गए।
बाजार में निजी कंपनियों की पकड़ मजबूत
ट्राई के आंकड़ों के अनुसार, वायरलेस मोबाइल बाजार में निजी टेलीकॉम कंपनियों का दबदबा कायम है। कुल बाजार में उनकी हिस्सेदारी 92.73% है, जबकि सरकारी कंपनियों BSNL और MTNL की संयुक्त हिस्सेदारी महज 7.27% रह गई है।
नियामक ने यह भी बताया कि जून में सक्रिय वायरलेस ग्राहकों की संख्या 1.201 अरब रही, जो वास्तव में सेवा का उपयोग कर रहे यूजर्स को दर्शाता है। इसके अलावा, मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी (MNP) सेवा का भी खूब इस्तेमाल हुआ, जिसके तहत 1.47 करोड़ ग्राहकों ने अपना ऑपरेटर बदलने के लिए आवेदन किया।
इनपुट: IANS



