गुरूवार, 13 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
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जून तिमाही में भारतीय कंपनियों की कमाई 22% बढ़ी, लेकिन मुनाफे पर दिखा दबाव

वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) भारतीय कंपनियों के लिए कमाई के लिहाज़ से शानदार रही। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस दौरान कंपनियों की कुल आय में सालाना आधार पर 22 प्रतिश…

जून तिमाही में भारतीय कंपनियों की कमाई 22% बढ़ी, लेकिन मुनाफे पर दिखा दबाव
(फोटो: IANS)

वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) भारतीय कंपनियों के लिए कमाई के लिहाज़ से शानदार रही। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस दौरान कंपनियों की कुल आय में सालाना आधार पर 22 प्रतिशत की ज़बरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई। यह उछाल पिछली तिमाही में हुई 13 प्रतिशत की वृद्धि से कहीं ज़्यादा है, जो कारोबारी गतिविधियों में तेज़ी का संकेत देता है।

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रेटिंग एजेंसी आईसीआरए (ICRA) ने गुरुवार को जारी अपनी रिपोर्ट में बताया कि इस मज़बूत प्रदर्शन के पीछे कई बड़े कारण थे। इनमें कमोडिटी और बुलियन (सोना-चाँदी) की ऊँची कीमतें, ऑटोमोबाइल जैसे क्षेत्रों में मांग का लगातार बने रहना और उपभोक्ता खर्च में मज़बूती शामिल है। रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल जीएसटी दरों में हुई कटौती का असर भी मांग पर सकारात्मक रूप से देखने को मिला।

मुनाफे पर दबाव क्यों?

हालांकि, कमाई में इस शानदार वृद्धि के बावजूद कंपनियों के मुनाफे पर दबाव बना रहा। आंकड़ों के मुताबिक, तिमाही के दौरान कुल ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन (OPM) में सालाना आधार पर 200 बेसिस प्वाइंट (2%) से ज़्यादा की गिरावट आई, जबकि शुद्ध मुनाफा लगभग स्थिर रहा।

मुनाफे में इस कमज़ोरी की सबसे बड़ी वजह तेल रिफाइनिंग सेक्टर का प्रदर्शन रहा। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और एलपीजी एवं पेट्रोलियम उत्पादों की बिक्री पर हुए नुकसान ने इस क्षेत्र की कमाई पर गहरा असर डाला, जिसका असर समग्र मुनाफे पर भी दिखा।

तेल-गैस के बिना बेहतर तस्वीर

अगर तेल और गैस क्षेत्र को अलग करके देखा जाए, तो बाकी सेक्टरों की तस्वीर काफ़ी बेहतर नज़र आती है। आईसीआरए के अनुसार, इस क्षेत्र को हटा देने पर ऑपरेटिंग मार्जिन लगभग 19 प्रतिशत पर स्थिर रहा और शुद्ध मुनाफे में सालाना 20 प्रतिशत से ज़्यादा की वृद्धि हुई।

आईसीआरए के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट और ग्रुप हेड-कॉरपोरेट रेटिंग्स, जितिन मक्कड़ ने कहा, "तिमाही की शुरुआत में मांग और लागत को लेकर संभावित झटके की चिंताओं का कारोबार के प्रदर्शन पर अंततः सीमित प्रभाव पड़ा।"

उपभोक्ता-केंद्रित सेक्टर बने ग्रोथ के इंजन

इस तिमाही में ग्रोथ का मुख्य इंजन उपभोक्ता-केंद्रित सेक्टर रहे। ऑटोमोबाइल ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स (OEMs) ने कमाई में सबसे तेज़ वृद्धि दर्ज की। जितिन मक्कड़ ने भी इस पर ज़ोर देते हुए कहा, "जहां ऑटोमोबाइल ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स (ओईएम) ने आय में सबसे मजबूत वृद्धि दर्ज की, वहीं एफएमसीजी, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, परिधान और किराना रिटेल, ज्वेलरी रिटेल तथा क्विक-सर्विस रेस्टोरेंट जैसे कई अन्य उपभोक्ता-केंद्रित क्षेत्रों ने भी अच्छा प्रदर्शन किया।"

इनपुट: IANS

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