भोजपुर मुठभेड़: भरत भूषण तिवारी के परिवार को नौकरी और आर्थिक मदद देगी बिहार सरकार
बिहार के भोजपुर जिले में हुए चर्चित पुलिस मुठभेड़ मामले में मारे गए भरत भूषण तिवारी के परिवार को अब सरकार की ओर से राहत दी जाएगी। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को…
बिहार के भोजपुर जिले में हुए चर्चित पुलिस मुठभेड़ मामले में मारे गए भरत भूषण तिवारी के परिवार को अब सरकार की ओर से राहत दी जाएगी। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को घोषणा की कि न्यायिक जांच की अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता और एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने यह जानकारी एक सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से साझा की। यह फैसला उस घटना के बाद आया है, जिसे लेकर पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठे थे और काफी राजनीतिक बहस भी हुई थी।
क्या था पूरा मामला?
यह घटना इसी साल 17 जून की सुबह भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में हुई थी। पुलिस के साथ हुई एक मुठभेड़ में बिलौटी निवासी काशीनाथ तिवारी के बेटे भरत भूषण तिवारी की मौत हो गई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस कार्रवाई के दौरान उन्हें पांच गोलियां लगी थीं। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।
परिजनों के आरोप और न्यायिक जांच
इस घटना के बाद भरत भूषण के परिवारवालों और स्थानीय लोगों ने पुलिस की कार्रवाई को लेकर गंभीर आरोप लगाए थे। उनका दावा था कि भरत भूषण ने आत्मसमर्पण कर दिया था, लेकिन इसके बावजूद पुलिस ने उसे गोली मार दी। इस घटना के विरोध में इलाके में तनाव फैल गया था और लोगों ने प्रदर्शन भी किए تھے।
मामले के तूल पकड़ने और निष्पक्ष जांच की बढ़ती मांग को देखते हुए राज्य सरकार ने पूरे घटनाक्रम की पड़ताल के लिए एक न्यायिक आयोग का गठन किया था। आयोग को मुठभेड़ से जुड़ी परिस्थितियों और तथ्यों की जांच का जिम्मा सौंपा गया था। सरकार का हालिया फैसला इसी आयोग की अंतरिम रिपोर्ट पर आधारित है, जिससे पीड़ित परिवार को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
इनपुट: IANS



