गुरूवार, 13 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
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असम-अरुणाचल सीमा विवाद: गोलीबारी के बाद आर्थिक नाकाबंदी और पत्थरबाज़ी से तनाव गहराया

असम और अरुणाचल प्रदेश की सीमा पर हाल ही में हुई गोलीबारी की एक घटना ने दो समुदायों के बीच तनाव को काफ़ी बढ़ा दिया है। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, इस घटना के विरोध में शुरू हुई आर्थिक नाकाबंदी अब…

असम-अरुणाचल सीमा विवाद: गोलीबारी के बाद आर्थिक नाकाबंदी और पत्थरबाज़ी से तनाव गहराया
(फोटो: IANS)

असम और अरुणाचल प्रदेश की सीमा पर हाल ही में हुई गोलीबारी की एक घटना ने दो समुदायों के बीच तनाव को काफ़ी बढ़ा दिया है। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, इस घटना के विरोध में शुरू हुई आर्थिक नाकाबंदी अब पत्थरबाज़ी में बदल गई है, जिससे दोनों राज्यों के बीच आवाजाही पर गंभीर असर पड़ा है और सुरक्षा बलों को हालात नियंत्रित करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

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यह पूरा विवाद 10 अगस्त को असम के धेमाजी ज़िले में हुई गोलीबारी से शुरू हुआ। यह घटना गेरुकामुख पुलिस स्टेशन के तहत मिंगमांग बस्ती में हुई, जहाँ अरुणाचल प्रदेश के लोगों द्वारा असम की ज़मीन पर कथित अतिक्रमण को लेकर विवाद हुआ था। इस गोलीबारी में कम से कम 12 लोग घायल हो गए, जिसके बाद मिसिंग और गालो समुदायों के बीच तनाव बढ़ गया।

नाकाबंदी और बढ़ता तनाव

गोलीबारी की घटना के विरोध में ताकाम मिसिंग पोरिन केबांग (TMPK) ने 12 अगस्त से अनिश्चितकालीन आर्थिक नाकाबंदी का ऐलान कर दिया। इस संगठन के साथ मिसिंग मिमाग केबांग (MMK) और ताकम मिसिंग महिला केबांग (TMMK) भी शामिल हैं। नाकाबंदी के चलते असम-अरुणाचल को जोड़ने वाले कई रास्तों पर आवागमन ठप हो गया, जिसका सबसे ज़्यादा असर सिलपाथर-लिकबाली राजमार्ग पर देखा गया।

गुरुवार को स्थिति उस समय और बिगड़ गई जब प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर पत्थरबाज़ी शुरू कर दी। इस दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात पुलिस और CRPF के जवानों को भी निशाना बनाया गया। प्रदर्शनकारी अरुणाचल प्रदेश के रजिस्ट्रेशन नंबर वाली गाड़ियों को कई प्रवेश द्वारों पर रोक रहे हैं।

प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें

आंदोलन कर रहे संगठनों की मांग है कि गोलीबारी में शामिल लोगों को तुरंत गिरफ्तार कर असम पुलिस को सौंपा जाए। इसके अलावा, वे 804.1 किलोमीटर लंबी असम-अरुणाचल प्रदेश सीमा पर लंबे समय से चले आ रहे विवाद के स्थायी समाधान और असम की भूमि पर हो रहे कथित अतिक्रमण के ख़िलाफ़ कार्रवाई की भी मांग कर रहे हैं।

फिलहाल, दोनों राज्य 'नामसाई घोषणा' जैसे तंत्रों के माध्यम से बातचीत के ज़रिए समाधान खोजने का प्रयास कर रहे हैं। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है, जबकि सुरक्षा बल किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए प्रभावित क्षेत्रों में कड़ी निगरानी रख रहे हैं।

इनपुट: IANS

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News4Social नेशनल डेस्क

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