खाद्य सुरक्षा पर FSSAI का कड़ा रुख: भ्रामक दावों और गंभीर लापरवाही पर 3 कंपनियों के लाइसेंस निलंबित
उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से खिलवाड़ और खाद्य सुरक्षा मानकों के घोर उल्लंघन के मामलों में भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने एक बड़ी कार्रवाई की है। नियामक ने तीन खाद्य व्यवसाय संचालकों…
उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से खिलवाड़ और खाद्य सुरक्षा मानकों के घोर उल्लंघन के मामलों में भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने एक बड़ी कार्रवाई की है। नियामक ने तीन खाद्य व्यवसाय संचालकों (FBOs) के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए हैं। इन कंपनियों पर भ्रामक दावे करने से लेकर उत्पादन इकाइयों में अत्यंत खराब स्वच्छता बनाए रखने जैसे गंभीर आरोप हैं, जिनसे आम लोगों के स्वास्थ्य को खतरा हो सकता था।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, जिन कंपनियों के खिलाफ यह एक्शन लिया गया है, उनमें मेघालय स्थित ए.बी. एंटरप्राइज और ओडिशा की दो कंपनियां- जाइका ऑर्गेनिक्स (ओपीसी) प्राइवेट लिमिटेड तथा नारायणी फूड्स एंड बेवरेजेज शामिल हैं। FSSAI ने यह कदम विस्तृत निरीक्षण और नियामकीय जांच के बाद उठाया है।
किस कंपनी पर क्या आरोप?
ए.बी. एंटरप्राइज (मेघालय): इस कंपनी पर अपने उत्पादों के लेबल और प्रचार सामग्री में स्वास्थ्य लाभ से जुड़े भ्रामक दावे करने का आरोप है। यह फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स (एडवरटाइजिंग एंड क्लेम्स) रेगुलेशंस, 2018 का सीधा उल्लंघन है। जांच में यह भी पाया गया कि कंपनी बिना आवश्यक विनिर्माण स्वीकृति के ही खाद्य उत्पादों का कारोबार कर रही थी। नियामक ने बताया कि सुधार नोटिस और व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर देने के बावजूद कंपनी ने कोई जवाब नहीं दिया, जिसके बाद उसके लाइसेंस को अगले आदेश तक निलंबित कर दिया गया।
जाइका ऑर्गेनिक्स (ओडिशा): इस कंपनी की उत्पादन इकाई में निरीक्षण के दौरान स्वच्छता और सैनिटेशन की व्यापक कमियां पाई गईं। FSSAI के मुताबिक, खाद्य उत्पादों का निर्माण और भंडारण अस्वच्छ परिस्थितियों में हो रहा था। परिसर में कीट नियंत्रण की समस्या, उपकरणों पर जंग, और कच्चे माल का अनुचित भंडारण जैसी खामियां मिलीं। कई उत्पादों पर बैच नंबर और एक्सपायरी डेट जैसी जरूरी जानकारी भी नहीं थी। अनुपालन मूल्यांकन में इसे 90 में से सिर्फ 10 अंक (12%) मिले, जो 'नॉन-कम्प्लायंस' श्रेणी में आता है।
नारायणी फूड्स एंड बेवरेजेज (ओडिशा): यहां भी स्थिति गंभीर पाई गई। निरीक्षण में उत्पादन परिसर में मक्खियां, मकड़ी के जाले, कचरे का ढेर और जंग लगे उपकरण मिले। जल स्रोतों के पास शैवाल की मौजूदगी भी दर्ज की गई। इसके अलावा, रिकॉर्ड रखने की प्रक्रिया और खाद्य सुरक्षा प्रशिक्षण से जुड़े दस्तावेज भी उपलब्ध नहीं थे। इस कंपनी को अनुपालन मूल्यांकन में 80 में से केवल 20 अंक (25%) प्राप्त हुए।
सार्वजनिक स्वास्थ्य सर्वोपरि
FSSAI ने स्पष्ट किया है कि इन कंपनियों की कार्यप्रणाली से खाद्य पदार्थों में भौतिक, रासायनिक और जैविक जोखिम उत्पन्न हो सकते थे, जो सीधे तौर पर सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए एक बड़ा खतरा थे। नियामक ने कड़ा संदेश देते हुए कहा है कि खाद्य सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
इनपुट: IANS



