वैश्विक तनाव के बीच निर्यात में उछाल, पर व्यापार घाटा भी बढ़ा: जुलाई के आंकड़ों का विश्लेषण
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी अस्थिरता, विशेषकर मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बावजूद, भारत के व्यापारिक निर्यात में एक महत्वपूर्ण उछाल दर्ज किया गया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, जुलाई महीने में भार…
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी अस्थिरता, विशेषकर मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बावजूद, भारत के व्यापारिक निर्यात में एक महत्वपूर्ण उछाल दर्ज किया गया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, जुलाई महीने में भारत का व्यापारिक निर्यात बढ़कर 44.24 अरब डॉलर पर पहुँच गया, जो जून में 40.41 अरब डॉलर था।
वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने इस वृद्धि का श्रेय इलेक्ट्रॉनिक्स, इंजीनियरिंग सामान, समुद्री उत्पादों और पेट्रोलियम उत्पादों के बेहतर प्रदर्शन को दिया। उन्होंने बताया कि इन क्षेत्रों से भेजे जाने वाले माल में बढ़ोतरी ने कुल निर्यात को मजबूती दी।
निर्यात बढ़ा, पर आयात का दबाव भी कायम
एक तरफ जहाँ निर्यात में सकारात्मक रुख देखने को मिला, वहीं दूसरी ओर आयात भी तेजी से बढ़ा है। जुलाई में देश का आयात बढ़कर 76.22 अरब डॉलर हो गया, जबकि जून में यह 70.84 अरब डॉलर था। इसकी मुख्य वजह वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और होर्मुज स्ट्रेट जैसे महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्गों में रुकावटें बताई जा रही हैं। लाल सागर के पास हूथी हमलों ने भी खाड़ी क्षेत्र से तेल की आवाजाही को प्रभावित किया है, जिससे आयात महंगा हुआ है।
आयात में इस तेज वृद्धि के कारण भारत का वस्तु व्यापार घाटा (Merchandise Trade Deficit) भी बढ़ गया है। जुलाई में यह घाटा 31.98 अरब डॉलर रहा, जो जून के 30.43 अरब डॉलर से अधिक है। व्यापार घाटा किसी देश के आयात और निर्यात के मूल्य के बीच का अंतर होता है।
सरकार का क्या कहना है?
सरकार ने इस सप्ताह संसद में बताया कि व्यापार घाटे में वृद्धि किसी ढांचागत कमजोरी का संकेत नहीं है। बल्कि यह आर्थिक विकास, औद्योगीकरण और निर्यात प्रतिस्पर्धा के लिए जरूरी सामानों के अधिक आयात को दर्शाता है। सरकार के मुताबिक, भारत के आयात में मुख्य रूप से कच्चा तेल, इलेक्ट्रॉनिक सामान, मशीनरी, सोना, कीमती पत्थर और खाद जैसे उत्पाद शामिल हैं, जो घरेलू खपत, ऊर्जा सुरक्षा और औद्योगिक विस्तार के लिए आवश्यक हैं।
चालू वित्त वर्ष के आंकड़े
मौजूदा वित्त वर्ष (2024-25) के पहले चार महीनों, यानी अप्रैल से जुलाई तक, कुल निर्यात 17.04% बढ़कर 173.78 अरब डॉलर हो गया। इसी अवधि के दौरान, आयात 19.27% की वृद्धि के साथ 292.38 अरब डॉलर पर पहुँच गया।
इनपुट: IANS



