गुरूवार, 13 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
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खनिज कानून संशोधन: झारखंड कांग्रेस ने बताया राज्यों पर हमला, आंदोलन की चेतावनी

झारखंड में कांग्रेस ने केंद्र सरकार द्वारा लोकसभा में पारित 'खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2023' को राज्यों के संवैधानिक और वित्तीय अधिकारों पर सीधा हमला बताया है। समाचार एजेंसी…

खनिज कानून संशोधन: झारखंड कांग्रेस ने बताया राज्यों पर हमला, आंदोलन की चेतावनी
(फोटो: IANS)

झारखंड में कांग्रेस ने केंद्र सरकार द्वारा लोकसभा में पारित 'खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2023' को राज्यों के संवैधानिक और वित्तीय अधिकारों पर सीधा हमला बताया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, झारखंड विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने इस विधेयक को तत्काल वापस लेने की मांग की है।

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प्रदीप यादव ने कहा कि यह संशोधन सहकारी संघवाद की भावना और राज्यों की आर्थिक स्वायत्तता के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार इस कदम के जरिए राज्यों को उनके अपने संसाधनों से मिलने वाले राजस्व के मामले में और अधिक निर्भर बनाना चाहती है। यादव के मुताबिक, यह विधेयक राज्यों के अधिकारों और वित्तीय संघीय व्यवस्था को कमजोर करने का प्रयास है, जिसे स्वीकार नहीं किया जाएगा।

संशोधन का झारखंड पर क्या असर होगा?

कांग्रेस नेता ने इस बात पर जोर दिया कि खनिज संसाधन झारखंड की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, इसलिए इस प्रस्तावित बदलाव का राज्य पर बहुत व्यापक असर पड़ सकता है। उन्होंने कहा, “झारखंड के जल, जंगल, जमीन और खनिज संपदा से जुड़े अधिकारों की रक्षा का सवाल केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि राज्य के आर्थिक हितों से भी जुड़ा है।”

यादव ने दावा किया कि यदि खनिज राजस्व से जुड़े अधिकार प्रभावित होते हैं, तो इसका सीधा असर राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं के वित्तपोषण पर पड़ सकता है। उन्होंने विशेष रूप से 'मंईयां सम्मान योजना' का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे राज्य की बड़ी संख्या में महिलाएं प्रभावित हो सकती हैं।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला

प्रदीप यादव ने गुरुवार को जारी एक बयान में याद दिलाया कि सुप्रीम कोर्ट की नौ न्यायाधीशों वाली संविधान पीठ के एक फैसले के बाद राज्यों को अपने खनिज संसाधनों पर अतिरिक्त उपकर (cess) लगाने का अधिकार मिला था। उन्होंने कहा, “केंद्र सरकार का नया संशोधन इस अधिकार को सीमित करने का प्रयास है।”

सड़क से संसद तक विरोध की तैयारी

कांग्रेस नेता ने स्पष्ट किया कि पार्टी ने संसद में इस विधेयक का विरोध किया है और अब झारखंड में भी राज्य के अधिकारों की रक्षा के लिए आंदोलन करेगी। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि वह राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर राज्यों के संवैधानिक अधिकारों का सम्मान करे और प्रस्तावित संशोधन पर पुनर्विचार करते हुए इसे वापस ले।

इनपुट: IANS

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News4Social राजनीति डेस्क

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