SSC GD परीक्षा हैकिंग: 'डेविल' नाम से सर्वर हैक करने वाला सॉल्वर गैंग का मास्टरमाइंड दिल्ली से गिरफ्तार
कर्मचारी चयन आयोग (SSC) की जीडी कांस्टेबल ऑनलाइन भर्ती परीक्षा में बड़े पैमाने पर धांधली करने वाले एक सॉल्वर गैंग के कथित मास्टरमाइंड हैकर को उत्तर प्रदेश STF ने गिरफ्तार कर लिया है। समाचार एजेंसी…
कर्मचारी चयन आयोग (SSC) की जीडी कांस्टेबल ऑनलाइन भर्ती परीक्षा में बड़े पैमाने पर धांधली करने वाले एक सॉल्वर गैंग के कथित मास्टरमाइंड हैकर को उत्तर प्रदेश STF ने गिरफ्तार कर लिया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, हैकिंग की दुनिया में 'डेविल' के नाम से मशहूर अरुण कुमार को दिल्ली के शाहबाद डेरी इलाके से पकड़ा गया। उस पर परीक्षा के सर्वर को हैक कर प्रॉक्सी के जरिए अभ्यर्थियों के कंप्यूटर बाहर से कंट्रोल करने का आरोप है।
एसटीएफ के अनुसार, अरुण कुमार उर्फ डेविल को 22 सितंबर 2026 को दिल्ली के थाना बेगमपुर क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। मूल रूप से बिहार के पटना जिले का रहने वाला अरुण वर्तमान में दिल्ली में ही रह रहा था। उसकी गिरफ्तारी के बाद STF ने उसके ठिकाने से बड़ी संख्या में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं, जिनका इस्तेमाल ऑनलाइन परीक्षाओं में धांधली के लिए किया जाता था।
क्या है पूरा मामला?
यह कार्रवाई इसी साल 22 मई को ग्रेटर नोएडा के एक ऑनलाइन परीक्षा केंद्र पर हुई छापेमारी की अगली कड़ी है। तब एसटीएफ ने बालाजी डिजिटल जोन में प्रॉक्सी सर्वर लगाकर नकल कराने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया था। उस समय गिरोह के सरगना प्रदीप चौहान और एक अन्य हैकर अमित राणा समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में अब तक कुल 12 आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं।
कैसे काम करता था 'डेविल'?
पूछताछ में सामने आया कि अरुण कुमार और अमित राणा ने मिलकर परीक्षा सर्वर की सोर्स फाइल को डिकोड किया और उसमें ऐसे बदलाव किए जिससे प्रॉक्सी सर्वर के जरिए अभ्यर्थियों के कंप्यूटर को परीक्षा केंद्र के बाहर से नियंत्रित करना संभव हो गया। कथित तौर पर अरुण मोडिफाइड टीएफटी स्क्रीन और सर्वर हैक करने में माहिर हो गया था। जांच एजेंसी के मुताबिक, उसने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के दौरान 2019 में दिल्ली में ही हैकिंग सीखी थी।
बरामद हुए उपकरण और अन्य मामले
अरुण के कब्जे से 12 टीएफटी स्क्रीन, 2 लैपटॉप, 11 रास्पबेरी पीआई डिवाइस, 14 वीडियो कैप्चर एचडीएमआई डिवाइस और कई अन्य तकनीकी उपकरण मिले हैं। जांच में पता चला है कि उसके तार उत्तर प्रदेश, हरियाणा, बिहार और झारखंड समेत कई राज्यों में फैले हुए थे। सीतापुर में 2024 में हुई नर्सिंग स्टाफ ऑफिसर ऑनलाइन परीक्षा में हुई धांधली के मामले में भी पुलिस को उसकी तलाश थी।
इनपुट: IANS



