गुरूवार, 13 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
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UPI का असर: भारत के पेमेंट सेक्टर में तीन साल में आया 5.8 अरब डॉलर का निवेश

भारत के पेमेंट सेक्टर ने पिछले करीब साढ़े तीन सालों में निवेशकों का जबरदस्त भरोसा जीता है। यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) की सफलता से प्रेरित इस क्षेत्र में जनवरी 2021 से अब तक लगभग 5.8 अरब डॉलर का…

UPI का असर: भारत के पेमेंट सेक्टर में तीन साल में आया 5.8 अरब डॉलर का निवेश
(फोटो: IANS)

भारत के पेमेंट सेक्टर ने पिछले करीब साढ़े तीन सालों में निवेशकों का जबरदस्त भरोसा जीता है। यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) की सफलता से प्रेरित इस क्षेत्र में जनवरी 2021 से अब तक लगभग 5.8 अरब डॉलर का निवेश आया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, यह रकम 371 इक्विटी फंडिंग राउंड के जरिए जुटाई गई है, जो देश के डिजिटल भुगतान इकोसिस्टम की मजबूती को दर्शाता है।

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मार्केट इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म ट्रैक्सन (Tracxn) की एक विस्तृत रिपोर्ट 'द इंडिया पेमेंट्स लैंडस्केप: हाउ यूपीआई मेड इंडिया सेल्फ-रिलायंट इन पेमेंट्स' में यह जानकारी दी गई है। रिपोर्ट बताती है कि भारत के सार्वजनिक डिजिटल पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर ने एक मजबूत निजी क्षेत्र के इकोसिस्टम को जन्म दिया है, जिसमें कंज्यूमर ऐप्स से लेकर कारोबारी प्लेटफॉर्म और फिनटेक इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियां तक शामिल हैं।

निवेश का बंटवारा किस तरह हुआ?

रिपोर्ट के मुताबिक, निवेश का सबसे बड़ा हिस्सा यानी करीब 53 प्रतिशत (लगभग 3.1 अरब डॉलर) सीधे उपभोक्ताओं से जुड़े पेमेंट प्लेटफॉर्म्स को मिला है। इसके बाद, कारोबारियों को भुगतान सेवाएं देने वाली कंपनियों ने कुल फंडिंग का लगभग 38 प्रतिशत हिस्सा आकर्षित किया। वहीं, बाकी 9 प्रतिशत निवेश (करीब 52.6 करोड़ डॉलर) पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर और एपीआई आधारित सेवाएं देने वाली कंपनियों के खाते में गया।

निवेश की रफ्तार और सेक्टर का भविष्य

ट्रैक्सन की रिपोर्ट में कहा गया है कि 2021 में तकनीकी निवेश में आई तेजी के दौरान इस सेक्टर में फंडिंग अपने चरम पर थी। हालांकि, 2022 से 2024 के बीच वैश्विक स्तर पर फंडिंग में आई कमी का असर यहां भी देखने को मिला और निवेश की रफ्तार थोड़ी धीमी हुई। इसके बावजूद, सेक्टर में परिपक्वता बढ़ रही है। 2021 से अब तक इस क्षेत्र में 8 आईपीओ (Initial Public Offerings) और 25 अधिग्रहण हुए हैं, जो बताता है कि कंपनियां अब निवेशकों को पैसा लौटाने और पूंजी को फिर से निवेश करने के अवसर पैदा कर रही हैं।

दुनिया में बढ़ रहा UPI का दायरा

रिपोर्ट में UPI के बढ़ते अंतरराष्ट्रीय प्रभाव का भी जिक्र किया गया है। सीमा-पार UPI लेनदेन की संख्या में विस्फोटक वृद्धि हुई है। वित्त वर्ष 2024 में जहां करीब 37,000 ऐसे लेनदेन हुए थे, वहीं वित्त वर्ष 2025 में यह आंकड़ा 20 गुना से ज्यादा बढ़कर 7.5 लाख से अधिक हो गया। वर्तमान में यह पेमेंट नेटवर्क एक दर्जन से ज्यादा देशों में काम कर रहा है। एनपीसीआई इंटरनेशनल ने वैश्विक स्तर पर UPI का विस्तार करने के लिए कई मॉडल अपनाए हैं, जिसमें मौजूदा पेमेंट सिस्टम को जोड़ना और साझेदार देशों के लिए नेटवर्क तैयार करना शामिल है।

इनपुट: IANS

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