केरल में बारिश से तबाही: राज्य सरकार ने मौसम चेतावनियों में कमी के लिए IMD को ठहराया ज़िम्मेदार
केरल में भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन से मची तबाही के बाद मौसम पूर्वानुमान की सटीकता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। इन आपदाओं में कम से कम 21 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 7 लोग अब भी लापता हैं। इस बीच…
केरल में भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन से मची तबाही के बाद मौसम पूर्वानुमान की सटीकता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। इन आपदाओं में कम से कम 21 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 7 लोग अब भी लापता हैं। इस बीच, राज्य सरकार ने आपदा प्रबंधन में अपनी भूमिका का बचाव करते हुए मौसम संबंधी चेतावनियों में किसी भी तरह की कमी के लिए पूरी तरह से भारतीय मौसम विभाग (IMD) को ज़िम्मेदार ठहराया है।
समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, केरल के राजस्व मंत्री एपी. अनिल कुमार ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि मौसम संबंधी चेतावनी जारी करना राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है। उन्होंने कहा, "राज्य सरकार अपने स्तर पर मौसम चेतावनी जारी नहीं कर सकती। हमारी ज़िम्मेदारी केवल भारतीय मौसम विभाग के अलर्ट की सूचना लोगों तक पहुँचाने तक सीमित है।"
आपदा का प्रभाव और सरकार का पक्ष
राज्य के पथानमथिट्टा, इडुक्की, कोट्टायम और उत्तरी ज़िले बारिश से सबसे ज़्यादा प्रभावित हुए हैं। आपदा प्रबंधन के प्रयासों पर उठ रहे सवालों के जवाब में मंत्री ने प्रशासनिक लापरवाही या विभिन्न विभागों के बीच समन्वय में कमी के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने दावा किया कि बचाव, निकासी और राहत कार्य विभिन्न एजेंसियों के साथ मिलकर प्रभावी ढंग से किए गए, जिससे प्रभावितों तक समय पर मदद पहुँची।
चेतावनी प्रणाली में सुधार की ज़रूरत
मंत्री अनिल कुमार ने यह स्वीकार किया कि मौजूदा मौसम चेतावनी प्रणाली में सुधार की गुंजाइश है ताकि भविष्य में और अधिक सटीक तथा समय पर पूर्वानुमान मिल सकें। उन्होंने कहा कि बेहतर पूर्वानुमान से प्रशासन और जनता दोनों को ही खराब मौसम की स्थिति के लिए बेहतर तैयारी करने में मदद मिलेगी। यह प्रतिक्रिया उन रिपोर्टों के बाद आई है, जिनमें स्थानीय लोगों और प्रशासन ने कहा था कि कई क्षेत्रों में हुई वास्तविक वर्षा, पूर्वानुमान से कहीं ज़्यादा थी।
इनपुट: IANS



