SBI के लाखों ग्राहकों का डेटा लीक? हैकर समूह ने किया गोपनीय जानकारी हासिल करने का दावा
एक हैकर समूह ने दावा किया है कि उसने भारत के सबसे बड़े सरकारी बैंक, भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के ग्राहकों की गोपनीय जानकारी हासिल कर ली है। 'सीरियसिम' (Seriousim) नाम से सक्रिय इस समूह का कहना है कि…
एक हैकर समूह ने दावा किया है कि उसने भारत के सबसे बड़े सरकारी बैंक, भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के ग्राहकों की गोपनीय जानकारी हासिल कर ली है। 'सीरियसिम' (Seriousim) नाम से सक्रिय इस समूह का कहना है कि उसके पास ग्राहकों के व्यक्तिगत विवरण से लेकर ऋण आवेदन तक के दस्तावेज़ मौजूद हैं। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस दावे की जानकारी साइबर सुरक्षा पर नज़र रखने वाले अकाउंट 'साइबरपल्स56' ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर दी।
साइबरपल्स56 के मुताबिक, हैकर समूह के पास SBI से संबंधित 3.75 लाख डेटा एंट्री (CSV फॉर्मेट में) और 2,722 PDF दस्तावेज़ होने की बात कही गई है। इस कथित डेटा लीक में ग्राहकों की निजी जानकारी, घर का पता, लोन के लिए दिए गए आवेदन और उससे जुड़े अन्य रिकॉर्ड शामिल हो सकते हैं।
क्या है इस दावे की सच्चाई?
फिलहाल, इस डेटा लीक के दावे की प्रामाणिकता या इसके स्रोत की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि अगर यह डेटा सही है तो इससे कितने ग्राहक प्रभावित हुए होंगे, क्योंकि कई रिकॉर्ड एक ही व्यक्ति से भी जुड़े हो सकते हैं। इस बात का कोई सबूत नहीं है कि SBI के सिस्टम में सीधे तौर पर कोई सेंध लगाई गई थी। 20 अक्टूबर को इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, इस मामले पर टिप्पणी के लिए भेजे गए ईमेल का SBI ने खबर प्रकाशित होने तक कोई जवाब नहीं दिया था।
ग्राहक कैसे हो सकते हैं प्रभावित?
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि यह डेटा असली साबित होता है, तो इसका गंभीर दुरुपयोग हो सकता है। साइबरपल्स56 के अनुसार, इस जानकारी का इस्तेमाल पहचान की चोरी (identity theft), वित्तीय धोखाधड़ी, फिशिंग हमले (जिसमें धोखाधड़ी वाले ईमेल या संदेश भेजकर जानकारी चुराई जाती है) और यहां तक कि किसी के नाम पर फर्जी ऋण आवेदन करने के लिए भी किया जा सकता है। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब भारत के वित्तीय क्षेत्र में साइबर सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं।
इनपुट: IANS



