भूपेंद्र चौधरी का सपा पर बड़ा हमला, कहा- सनातन विरोध और वोटर लिस्ट पर भ्रम फैला रही पार्टी
उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी ने समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सपा पर सनातन धर्म का विरोधी होने और वोटर लिस्ट के विशेष पुनरीक्षण (SIR) को लेकर भ्रम फैलाने…
उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी ने समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सपा पर सनातन धर्म का विरोधी होने और वोटर लिस्ट के विशेष पुनरीक्षण (SIR) को लेकर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, चौधरी ने कहा कि सपा का मठ-मंदिरों और भगवान राम के प्रति क्या रुख रहा है, यह किसी से छिपा नहीं है और प्रदेश की जनता कारसेवकों पर हुई कार्रवाई को भूली नहीं है।
मुरादाबाद में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि वोटर लिस्ट का विशेष गहन पुनरीक्षण 20 साल बाद हो रहा है, जिसका एकमात्र मकसद योग्य मतदाताओं को जोड़ना और अपात्र लोगों के नाम हटाना है। उन्होंने विपक्ष पर इस प्रक्रिया को एक विशेष समुदाय से जोड़कर समाज में भ्रम फैलाने का आरोप लगाया।
सनातन धर्म और राम मंदिर पर सपा का रुख
भूपेंद्र चौधरी ने कहा, "सनातन धर्म, हमारी संस्कृति और परंपराओं, आस्था और मठ-मंदिरों के प्रति समाजवादी पार्टी का रुख किसी से छिपा नहीं है। पार्टी ने बार-बार दिखाया है कि वह हमारे मठों, मंदिरों, संतों और सनातन धर्म को किस नजर से देखती है।" उन्होंने राम मंदिर आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि भगवान राम के प्रति भी सपा का रुख जगजाहिर है, जिसमें "कारसेवकों का नरसंहार" भी शामिल है।
आजम खान से मुलाकात पर तंज
अखिलेश यादव और आजम खान की हालिया मुलाक़ात पर टिप्पणी करते हुए चौधरी ने कहा कि आजम खान सपा के एक बड़े नेता हैं और जिस तरह अखिलेश ने उनका साथ छोड़ा, उससे उनके मन में नाराजगी है। उन्होंने इस मुलाकात को पूरी तरह से चुनावी बताया। चौधरी ने कहा, "ये चुनावी लोग हैं और चुनावी एजेंडा है। ये चुनाव के कारण मिलने जा रहे हैं और इसके पीछे दूसरी कोई वजह नहीं है।"
मतदाता सूची पुनरीक्षण और 'विदेशी साजिश'
वोटर लिस्ट के पुनरीक्षण पर विपक्ष के आरोपों को ख़ारिज करते हुए चौधरी ने कहा कि चुनाव आयोग एक संवैधानिक व्यवस्था का हिस्सा है और यह एक नियमित प्रक्रिया है। उन्होंने कहा, "समाजवादी पार्टी और विपक्ष ने इसे एक विशेष समुदाय और जाति के पक्ष से इसे जोड़ दिया।" उनके मुताबिक, यह मुस्लिम तुष्टिकरण की नीति का हिस्सा है ताकि मुस्लिम समाज देश के विकास में भागीदार न बन सके। उन्होंने RSS प्रमुख मोहन भागवत के एक बयान का हवाला देते हुए यह भी कहा कि दिल्ली में SIR को लेकर फैलाया जा रहा भ्रम और संवैधानिक संस्थाओं के खिलाफ बनाया जा रहा माहौल एक "विदेशी साजिश" की ओर इशारा करता है।
इनपुट: IANS



