मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
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PNB का अलर्ट: AI से आपकी आवाज़ की नकल कर मिनटों में खाली हो सकता है बैंक खाता

अगर आपके पास किसी करीबी या रिश्तेदार का फोन आए और वह किसी इमरजेंसी का हवाला देकर तुरंत पैसे मांगे, तो सावधान हो जाइए। हो सकता है कि फोन पर सुनाई दे रही आवाज़ असली न हो, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस…

PNB का अलर्ट: AI से आपकी आवाज़ की नकल कर मिनटों में खाली हो सकता है बैंक खाता
(फोटो: IANS)

अगर आपके पास किसी करीबी या रिश्तेदार का फोन आए और वह किसी इमरजेंसी का हवाला देकर तुरंत पैसे मांगे, तो सावधान हो जाइए। हो सकता है कि फोन पर सुनाई दे रही आवाज़ असली न हो, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से बनाई गई नकल हो। इसी तरह के बढ़ते ऑनलाइन फ्रॉड को देखते हुए देश के सरकारी बैंक पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ने अपने ग्राहकों के लिए एक ज़रूरी चेतावनी जारी की है। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, PNB ने ग्राहकों को AI वॉयस क्लोनिंग, डीपफेक और फिशिंग जैसे आधुनिक साइबर खतरों से सतर्क रहने को कहा है।

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बैंक ने यह चेतावनी अक्टूबर महीने में जारी की है, जिसे राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा जागरूकता माह के रूप में मनाया जाता है। PNB के एमडी और सीईओ अशोक चंद्र ने ग्राहकों को भेजे एक संदेश में कहा कि धोखेबाज़ अब ज़्यादा शातिर तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं ताकि उनके झांसे पर आसानी से यकीन किया जा सके।

कैसे काम करता है यह नया फ्रॉड?

अशोक चंद्र ने बताया कि साइबर अपराधी अब इंसानी भावनाओं, खासकर विश्वास, डर और जल्दबाज़ी का फायदा उठा रहे हैं। वे AI तकनीक का इस्तेमाल कर आपके किसी परिवारवाले, दोस्त या भरोसेमंद व्यक्ति की आवाज़ या शक्ल की हू-ब-हू नकल तैयार कर सकते हैं। इसके बाद वे कोई झूठी इमरजेंसी बताकर आपसे तुरंत पैसे ट्रांसफर करने के लिए कह सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि धोखाधड़ी वाले ईमेल और SMS इतने असली लगते हैं कि उन्हें पहचानना मुश्किल हो जाता है। इन्हें इस तरह डिज़ाइन किया जाता है कि ग्राहक घबराकर बिना सोचे-समझे कार्रवाई कर लें।

बुजुर्ग बन रहे आसान निशाना

इस तरह की धोखाधड़ी का शिकार अक्सर बुज़ुर्ग हो रहे हैं। हाल ही में पुणे के बानेर इलाके में एक 70 वर्षीय व्यक्ति के साथ ऐसी ही एक घटना हुई, जिसमें उन्होंने 4.81 लाख रुपये गंवा दिए। पीड़ित दिलीप एकनाथ वाइकर को पेंशन कार्ड रजिस्ट्रेशन के लिए एक व्हाट्सएप संदेश मिला। जब उन्होंने दिए गए लिंक पर अपनी बैंक जानकारी भरी, तो उनके खाते से पैसे निकाल लिए गए। इस मामले में बानेर पुलिस स्टेशन में केस दर्ज कर लिया गया है, लेकिन अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।

इसी तरह पिछले महीने अहमदाबाद में भी एक 72 वर्षीय रिटायर्ड बैंक कर्मचारी ने फेसबुक पर पेंशन कार्ड का विज्ञापन देखकर 5 लाख रुपये गंवा दिए थे। देश भर में ऐसे मामले बढ़ने के कारण अब सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बैंक अपनी आईटी और साइबर सुरक्षा पर निवेश बढ़ा रहे हैं, ताकि AI और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसे नए खतरों से निपटा जा सके।

इनपुट: IANS

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