सरकारी फंड की मदद से 128 टेक स्टार्टअप्स में आया ₹1,335 करोड़ का निवेश, बेंगलुरु बना हब
भारत के तकनीकी और इलेक्ट्रॉनिक स्टार्टअप इकोसिस्टम को बढ़ावा देने के लिए बनाई गई एक सरकारी योजना बड़ी सफलता हासिल कर रही है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार समर्थित 'इलेक्ट्रॉनिक्स…
भारत के तकनीकी और इलेक्ट्रॉनिक स्टार्टअप इकोसिस्टम को बढ़ावा देने के लिए बनाई गई एक सरकारी योजना बड़ी सफलता हासिल कर रही है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार समर्थित 'इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट फंड' (EDF) ने 128 स्टार्टअप और कंपनियों के लिए 1,335.77 करोड़ रुपये का निवेश जुटाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यह निवेश इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एंड मैन्युफैक्चरिंग (ESDM) और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) जैसे प्रमुख क्षेत्रों में किया गया है।
बुधवार को जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, इस पहल का मुख्य उद्देश्य देश में नवाचार, स्वदेशी तकनीक के विकास और नई बौद्धिक संपदा (Intellectual Property) के निर्माण को प्रोत्साहित करना है।
फंड कैसे काम करता है?
इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने इस फंड को 'फंड ऑफ फंड्स' मॉडल पर स्थापित किया है। इसका मतलब है कि यह सीधे स्टार्टअप में निवेश नहीं करता, बल्कि दूसरे वेंचर कैपिटल फंड्स में पैसा लगाता है, जिन्हें 'डॉटर फंड्स' कहा जाता है। IANS से मिली जानकारी के अनुसार, 30 जून तक EDF ने ऐसे 8 सेबी-पंजीकृत डॉटर फंड्स में 257.77 करोड़ रुपये का निवेश किया। इन्हीं डॉटर फंड्स ने आगे बढ़कर बाजार से और पूंजी जुटाई और कुल 128 स्टार्टअप्स में 1,335.77 करोड़ रुपये का निवेश किया। इस फंड का प्रबंधन कैनबैंक वेंचर कैपिटल फंड्स लिमिटेड (CVCFL) कर रहा है, जबकि मंत्रालय इसमें एक एंकर निवेशक की भूमिका निभाता है।
किन स्टार्टअप्स को मिला निवेश?
निवेश के लिए स्टार्टअप्स का चुनाव कई पैमानों पर किया गया, जिसमें उनकी इनोवेशन क्षमता, स्वदेशी तकनीक विकसित करने की योग्यता, बौद्धिक संपदा बनाने की संभावना और बिजनेस मॉडल की मजबूती शामिल थी। जिन 128 कंपनियों को यह निवेश मिला है, उनमें से 77 कंपनियां इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग (ESDM) क्षेत्र से हैं और 51 आईटी क्षेत्र से।
भौगोलिक रूप से देखें तो कर्नाटक निवेश का सबसे बड़ा केंद्र बनकर उभरा है, जहाँ 90 कंपनियों को फंडिंग मिली, जिनमें से 89 अकेले बेंगलुरु में स्थित हैं। इसके बाद तेलंगाना, महाराष्ट्र, तमिलनाडु और दिल्ली का स्थान आता है।
योजना का व्यापक प्रभाव
यह योजना निवेश जुटाने में काफी सफल रही है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, डॉटर फंड्स ने EDF से मिले निवेश का लाभ उठाकर बाजार से लगभग पांच गुना अधिक पूंजी आकर्षित की है। वहीं, इस योजना के तहत समर्थन पाने वाले स्टार्टअप्स ने सामूहिक रूप से अब तक 22,553.82 करोड़ रुपये का कुल निवेश आकर्षित किया है।
नवाचार के मोर्चे पर भी महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। इन स्टार्टअप्स ने अब तक 373 बौद्धिक संपदाएं (IPs) विकसित या हासिल की हैं, जो योजना के तकनीकी विकास के लक्ष्य को रेखांकित करता है। सरकार ने बताया कि EDF ने फरवरी 2024 में अपना निवेश चरण पूरा कर लिया था और अब यह विनिवेश (Divestment) के चरण में है।
इनपुट: IANS



