धार भोजशाला: सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर विवादित ज़मीन पर हुई जुमे की नमाज़, स्थानीय लोगों ने जताई आपत्ति
मध्य प्रदेश के धार जिले में शुक्रवार को भोजशाला परिसर से सटी एक ज़मीन पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच जुमे की नमाज़ अदा की गई। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद प्रशासन ने यह व्यवस्था की थी, लेकिन…
मध्य प्रदेश के धार जिले में शुक्रवार को भोजशाला परिसर से सटी एक ज़मीन पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच जुमे की नमाज़ अदा की गई। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद प्रशासन ने यह व्यवस्था की थी, लेकिन कुछ स्थानीय परिवारों ने ज़मीन पर अपना दावा जताते हुए इस पर आपत्ति दर्ज़ कराई।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह मामला भोजशाला की चहारदीवारी से लगी खसरा नंबर 612 की ज़मीन से जुड़ा है। शुक्रवार को मुस्लिम समुदाय के करीब 150-200 लोगों ने यहां शांतिपूर्वक नमाज़ अदा की। प्रशासन ने बारिश की आशंका को देखते हुए ज़मीन को समतल कराकर तिरपाल बिछवाया और चारों ओर बैरिकेडिंग भी की थी।
स्थानीय लोगों का विरोध और प्रशासन का आश्वासन
नमाज़ से पहले, कुछ स्थानीय लोग मौके पर जमा हुए और इस व्यवस्था का विरोध किया। उन्होंने दावा किया कि यह ज़मीन निजी स्वामित्व वाली है और उनके परिवार पीढ़ियों से इस पर खेती करते आ रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने अपने अधिकारों की रक्षा के लिए कानूनी रास्ता अपनाने की बात भी कही।
विरोध की सूचना पर सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) राजकुमार हलदर अन्य अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की और उनकी आपत्तियों पर सुनवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद वे शांत हुए। एसडीएम हलदर ने IANS को बताया, "यह एक अस्थायी व्यवस्था थी जो सुप्रीम कोर्ट के अंतिम फैसले के अधीन होगी। अंतिम आदेश अभी आना बाकी है।"
सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त
किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए थे। पुलिस अधीक्षक विजय डाबर ने बताया कि स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की दो कंपनियों समेत लगभग 800 से 1,000 जवानों को तैनात किया गया था। पूरे शहर के संवेदनशील इलाकों में भी सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। प्रशासन दिन भर हालात पर नज़र बनाए रहा और नमाज़ शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।
इनपुट: IANS



