मंगलवार, 8 सितम्बर 2026 · नई दिल्ली
मध्यप्रदेश

सागर में ज़हरीली शराब का क़हर: 13 लोगों की मौत, प्रशासन पर लापरवाही के गंभीर आरोप

मध्य प्रदेश के सागर जिले में जहरीली शराब पीने से अब तक 13 लोगों की जान जा चुकी है, जिससे नौरोजा और गोगरा गांवों में मातम पसरा हुआ है। इस घटना ने एक बार फिर अवैध शराब के कारोबार पर गंभीर सवाल खड़े कर…

सागर में ज़हरीली शराब का क़हर: 13 लोगों की मौत, प्रशासन पर लापरवाही के गंभीर आरोप
(फोटो: IANS)

मध्य प्रदेश के सागर जिले में जहरीली शराब पीने से अब तक 13 लोगों की जान जा चुकी है, जिससे नौरोजा और गोगरा गांवों में मातम पसरा हुआ है। इस घटना ने एक बार फिर अवैध शराब के कारोबार पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, 50 से अधिक लोग अस्पताल में भर्ती हैं, जिनमें से तीन की हालत अब भी नाजुक बनी हुई है।

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प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने प्रभावित गांवों का दौरा कर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और उन्हें सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री ने प्रत्येक मृतक के परिवार को चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।

प्रशासनिक कार्रवाई और उपमुख्यमंत्री का आश्वासन

पीड़ितों के गहरे दुख और गुस्से के बीच, उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने दोषियों को न बख्शे जाने का भरोसा दिलाया है। IANS से बातचीत में उन्होंने कहा, "मैंने उन्हें पूरा भरोसा दिलाया है कि प्रशासन सख्त कार्रवाई कर रहा है।" उन्होंने बताया कि इस मामले में लापरवाही बरतने वाले आबकारी विभाग के जिला अधिकारी और अन्य कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है, साथ ही थाना प्रभारी को भी हटा दिया गया है। शुक्ला के अनुसार, गांवों में शराब बेचने वाले दस फुटकर व्यापारियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और सप्लायर्स तक पहुंचने के लिए पूछताछ जारी है।

ग्रामीणों के आरोप और व्यवस्था पर सवाल

स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया है कि गांवों में अवैध शराब का धंधा लंबे समय से और खुलेआम चल रहा था, जिसे कथित तौर पर सरपंच का संरक्षण प्राप्त था। एक ग्रामीण महेंद्र लोदी ने बताया, "यहां दो नंबर की शराब सरपंच के यहां ही आती थी। फिर वहीं से लाकर गांव को लोगों को बेची जाती थी।" ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन की जानकारी में सब कुछ था, लेकिन शिकायतों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। कुछ लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपियों को पकड़ने के बाद पैसे लेकर छोड़ दिया जाता था।

कैसे बनी शराब ज़हर?

एक स्थानीय व्यक्ति ने बताया कि शराब में केमिकल की मात्रा बहुत ज़्यादा होने के कारण यह हादसा हुआ। उनके अनुसार, "जरूरी मात्रा लगभग 16-17 प्रतिशत होती है, लेकिन उन्होंने इसे बढ़ाकर लगभग 70 प्रतिशत कर दिया। इसी वजह से शराब पीने के बाद ऐसी घटनाएं हो रही हैं।" इस हादसे ने कई परिवारों को उजाड़ दिया है, जिनमें छोटे-छोटे बच्चे अनाथ हो गए हैं और युवा बेटों की मौत से घर सूने हो गए हैं।

इनपुट: IANS

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News4Social मध्य प्रदेश डेस्क

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