भोपाल: आयुष्मान योजना में फ़र्ज़ीवाड़ा, एक ही कर्मचारी का नाम तीन बार दिखाकर अस्पताल ने लिया दर्ज़ा
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के एक निजी अस्पताल द्वारा आयुष्मान भारत योजना में शामिल होने के लिए की गई एक बड़ी धोखाधड़ी का पर्दाफ़ाश हुआ है। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) की जांच में सामने आया है कि…
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के एक निजी अस्पताल द्वारा आयुष्मान भारत योजना में शामिल होने के लिए की गई एक बड़ी धोखाधड़ी का पर्दाफ़ाश हुआ है। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) की जांच में सामने आया है कि अस्पताल ने कर्मचारियों की संख्या को तीन गुना बढ़ाकर दिखाया ताकि वह योजना के मानदंडों को पूरा कर सके।
समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, यह मामला भोपाल के करौंद इलाके में स्थित एक निजी अस्पताल का है। आयुष्मान भारत योजना के तहत किसी भी अस्पताल को पैनल में शामिल करने के लिए डॉक्टरों और स्टाफ की एक निश्चित संख्या होना अनिवार्य है। इस अस्पताल ने इस नियम की अनदेखी करते हुए अपने ऑनलाइन पोर्टल पर फ़र्ज़ी आंकड़े दर्ज कर दिए।
जांच में खुली पोल
जब यह मामला EOW के पास पहुंचा, तो जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। जांचकर्ताओं ने पाया कि अस्पताल में हक़ीक़त में सिर्फ़ 15 कर्मचारी काम कर रहे थे, लेकिन इन्हीं 15 लोगों के नाम कई बार दर्ज करके कुल संख्या 45 बताई गई थी। इससे भी गंभीर बात यह है कि इन कर्मचारियों के नाम के आगे दर्ज किया गया फ़ोन नंबर अस्पताल के संचालक का ही था।
EOW के सूत्रों ने बताया कि जब अस्पताल प्रबंधन से कर्मचारियों की नियुक्ति, वेतन और उपस्थिति का रिकॉर्ड मांगा गया, तो वे कोई भी दस्तावेज़ पेश नहीं कर पाए।
डॉक्टरों के नाम पर भी धांधली
अस्पताल की सूची में जिन डॉक्टरों के नाम दर्ज थे, वे दूसरे अस्पतालों में भी पंजीकृत पाए गए। जब EOW ने उन डॉक्टरों से संपर्क किया, तो उन्होंने साफ़ तौर पर इस अस्पताल से किसी भी तरह का संबंध होने से इनकार कर दिया। इसके अलावा, अस्पताल में बिना लाइसेंस के पैथोलॉजी लैब भी चलाई जा रही थी। पैथोलॉजी रिपोर्ट पर जिस डॉक्टर के हस्ताक्षर और मुहर का इस्तेमाल हो रहा था, उन्होंने भी यह मानने से इनकार कर दिया कि वे हस्ताक्षर उनके हैं।
इनपुट: IANS



