मंगलवार, 8 सितम्बर 2026 · नई दिल्ली
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पंजाब: मान सरकार से मिला लिखित भरोसा, किसानों ने चंडीगढ़-मोहाली बॉर्डर पर आंदोलन खत्म किया

पंजाब के किसानों ने सोमवार शाम को चंडीगढ़-मोहाली बॉर्डर पर अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया। यह फैसला भगवंत मान सरकार की ओर से उनकी मुख्य मांगों पर लिखित आश्वासन मिलने के बाद लिया गया। समाचार एजेंसी IANS…

पंजाब: मान सरकार से मिला लिखित भरोसा, किसानों ने चंडीगढ़-मोहाली बॉर्डर पर आंदोलन खत्म किया
(फोटो: IANS)

पंजाब के किसानों ने सोमवार शाम को चंडीगढ़-मोहाली बॉर्डर पर अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया। यह फैसला भगवंत मान सरकार की ओर से उनकी मुख्य मांगों पर लिखित आश्वासन मिलने के बाद लिया गया। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुडियां ने किसान प्रतिनिधियों को यह औपचारिक लिखित समझौता सौंपा।

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इस समझौते के तहत, मान सरकार किसानों के प्रमुख मुद्दों पर प्रस्ताव पारित करने के लिए एक महीने के भीतर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने पर सहमत हुई है। इन प्रस्तावों को बाद में केंद्र सरकार को भेजा जाएगा।

सरकार ने मानी कौन-सी मांगें?

किसानों की मुख्य मांगों में दशकों पुराने जल-बंटवारे के समझौतों पर पुनर्विचार, पंजाब पुनर्गठन अधिनियम की धारा 78, 79 और 80 को रद्द कर राज्य के जल-अधिकारों को बहाल करना, बांध सुरक्षा अधिनियम को खत्म करना और प्रस्तावित बीज विधेयक 2025 को वापस लेना शामिल है।

कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुडियां ने 'अन्नदाताओं' के कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा, "हम बातचीत के जरिए मुद्दों को सुलझाने में विश्वास रखते हैं और हमने पूरी पारदर्शिता के साथ उनकी जायज मांगों को लिखित रूप में स्वीकार किया है।"

कर्ज और गन्ने के भुगतान पर भी सहमति

किसानों पर कर्ज का बोझ कम करने के लिए सहकारी बैंकों से लिए गए बकाया ऋणों हेतु 'वन-टाइम सेटलमेंट' (OTS) नीति बनाने की भी घोषणा की गई। मंत्री ने बताया कि इस नीति को तैयार करने के लिए सभी राजनीतिक दलों के साथ विचार-विमर्श करके एक कमेटी का गठन किया जाएगा।

इसके अलावा, गन्ने की कीमत पर खुडियां ने आश्वासन दिया कि पंजाब देश में सबसे ज्यादा दाम देना जारी रखेगा और इसकी प्रक्रिया जल्द शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि निजी चीनी मिलों द्वारा किसानों के बकाये का समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा और सहकारी मिलों की तरह वहां भी 'वन विंडो, वन पेमेंट' सिस्टम लागू होगा। अन्य लंबित मांगों के लिए, वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों और किसान प्रतिनिधियों की एक संयुक्त समिति बनाई जाएगी जो उनका जल्द से जल्द समाधान करेगी।

इनपुट: IANS

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News4Social पंजाब डेस्क

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