सागर शराब त्रासदी: 12 लोगों की मौत, 84 बीमार अस्पताल में भर्ती, 30 लोगों पर केस दर्ज
मध्य प्रदेश के सागर जिले में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों के मामले में प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, इस घटना में अब तक करीब 12 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि…
मध्य प्रदेश के सागर जिले में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों के मामले में प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, इस घटना में अब तक करीब 12 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 84 अन्य लोग विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं और उनका इलाज चल रहा है। पुलिस ने इस सिलसिले में 30 से अधिक नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर 10 लोगों को हिरासत में ले लिया है।
बीमार पड़े लोगों में से 59 को बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (बीएमसी) में, 17 को जिला अस्पताल और सात को बांदा सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सागर कलेक्टर प्रतिभा पाल ने बताया कि एक मरीज की हालत गंभीर होने पर उसे एयरलिफ्ट कर भोपाल के एम्स अस्पताल भेजा गया है। डॉक्टरों के अनुसार, ज्यादातर मरीजों की हालत अब स्थिर है और नए मामलों में कमी आई है।
प्रशासन की कार्रवाई और जांच
सोमवार को जिले के प्रभारी मंत्री और उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने एक समीक्षा बैठक की और अधिकारियों को अवैध शराब की बिक्री पर पूरी तरह से रोक लगाने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने आईसीयू में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों से मुलाकात भी की। शुक्ला ने कहा, "लापरवाही बरतने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा।" उन्होंने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री मोहन यादव पूरे मामले पर व्यक्तिगत रूप से नजर रख रहे हैं।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि शराब इलाके के बाहर बनाकर स्थानीय स्तर पर सप्लाई की गई थी, जिसमें जहरीले मेथनॉल की मिलावट पाई गई है।
पुलिस ने दर्ज किए दो मामले
सागर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अनुराग सुजानिया ने बताया कि बांदा पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता और आबकारी अधिनियम के तहत 20 नामजद आरोपियों पर केस दर्ज हुआ है। इसके अलावा, विनायक थाने में भी 10 अन्य आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। एसपी ने बताया कि आरोपियों की धरपकड़ के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं और संदिग्ध ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है।
इनपुट: IANS



