केरल: चुनावी हार पर CPI(M) की रिपोर्ट में खामियां, राज्य समिति में उठे तीखे सवाल
केरल में चुनावी हार के कारणों का विश्लेषण करने वाली CPI(M) की ड्राफ्ट रिपोर्ट को लेकर पार्टी के भीतर ही गंभीर सवाल उठने लगे हैं। सोमवार को हुई राज्य समिति की बैठक में कई प्रतिनिधियों ने इस रिपोर्ट की…
केरल में चुनावी हार के कारणों का विश्लेषण करने वाली CPI(M) की ड्राफ्ट रिपोर्ट को लेकर पार्टी के भीतर ही गंभीर सवाल उठने लगे हैं। सोमवार को हुई राज्य समिति की बैठक में कई प्रतिनिधियों ने इस रिपोर्ट की तीखी आलोचना करते हुए इसे संगठनात्मक और राजनीतिक विफलताओं को छिपाने वाला बताया। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, खास तौर पर कन्नूर जिले के प्रतिनिधियों ने रिपोर्ट के निष्कर्षों पर गंभीर आपत्तियां जताईं।
बैठक में शामिल लगभग 20 प्रतिनिधियों ने चर्चा के दौरान कहा कि यह रिपोर्ट चुनावी हार का विस्तृत राजनीतिक विश्लेषण होने के बजाय एक सामान्य संगठनात्मक रिपोर्ट जैसी लगती है। उन्होंने सवाल किया कि जब रिपोर्ट में यह स्पष्ट ही नहीं है कि पार्टी से कहां और क्या गलतियां हुईं, तो भविष्य के लिए सुधारात्मक कदम कैसे तय किए जा सकते हैं।
रिपोर्ट पर मुख्य आपत्तियां
आलोचना करने वाले सदस्यों का कहना था कि ड्राफ्ट रिपोर्ट में न तो संगठनात्मक कमियों का साफ तौर पर जिक्र है और न ही यह स्वीकार किया गया है कि उम्मीदवार चुनने की प्रक्रिया में गलतियां हुई थीं। प्रतिनिधियों ने यह भी जानना चाहा कि पार्टी की केंद्रीय समिति द्वारा की गई समीक्षा और उसके निष्कर्षों को इस रिपोर्ट में शामिल क्यों नहीं किया गया।
सदस्यों ने इस बात पर जोर दिया कि अगर पार्टी को प्रभावी ढंग से सुधार करना है, तो उसे अपनी विफलताओं का खुलकर और ईमानदारी से मूल्यांकन करना होगा। कन्नूर के प्रतिनिधियों का विरोध इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि उन्होंने सिर्फ छोटे-मोटे बदलावों की मांग नहीं की, बल्कि रिपोर्ट की मूल समीक्षा पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं।
अब बड़ी बैठक पर नज़रें
यह बहस अब और बड़े मंच पर जाएगी, क्योंकि जल्द ही पार्टी की विस्तारित राज्य समिति की बैठक होने वाली है, जिसमें करीब 300 नेता शामिल होंगे। राज्य समिति में उठी इन आपत्तियों के बाद अब पार्टी नेतृत्व पर एक ऐसी व्यापक और स्पष्ट रिपोर्ट तैयार करने का दबाव बढ़ गया है, जो कार्यकर्ताओं को संतुष्ट कर सके। राज्य समिति की चर्चा मंगलवार को भी जारी रहेगी, जिसके बाद रिपोर्ट को विस्तारित समिति के सामने पेश किया जाएगा।
इनपुट: IANS



