व्यापारिक विवाद में अपहरण का आरोप, YSRCP के पूर्व विधायक शेख मुस्तफा गिरफ्तार
आंध्र प्रदेश की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है, जहाँ YSR कांग्रेस पार्टी (YSRCP) के नेता और पूर्व विधायक शेख मोहम्मद मुस्तफा को एक अपहरण के मामले में गिरफ्तार कर लिया गया है। समाचार एजेंसी…
आंध्र प्रदेश की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है, जहाँ YSR कांग्रेस पार्टी (YSRCP) के नेता और पूर्व विधायक शेख मोहम्मद मुस्तफा को एक अपहरण के मामले में गिरफ्तार कर लिया गया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, पूर्वी गुंटूर से सोमवार देर रात हुई इस गिरफ्तारी को YSRCP ने टीडीपी गठबंधन सरकार की 'राजनीतिक प्रतिशोध' की कार्रवाई करार दिया है।
यह पूरा मामला एक तंबाकू व्यापारी के साथ हुए व्यापारिक विवाद से जुड़ा है। पूर्व विधायक मुस्तफा और उनके बेटे बशीर पर न केवल अपहरण का, बल्कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत भी केस दर्ज किया गया है।
क्या है पूरा विवाद?
पुलिस में दर्ज शिकायत के मुताबिक, एलुरु जिले के तंबाकू व्यापारी के. सूर्यचंद्रम, गुंटूर स्थित गोदाम के मालिक पूर्व विधायक मुस्तफा को तंबाकू बेचते थे। हाल ही में कीमतों में गिरावट के कारण व्यापारी ने तंबाकू बेचना बंद कर दिया था। आरोप है कि शनिवार रात जब व्यापारी का बेटा अभि, ड्राइवर बलराजू और जी. दुर्गा राव अपना तंबाकू किसी दूसरी कंपनी को बेचने गुंटूर जा रहे थे, तब मुस्तफा के बेटे बशीर और उसके साथियों ने उन्हें नुज्विद में रोक लिया।
शिकायतकर्ता सूर्यचंद्रम ने दावा किया कि उनके बेटे समेत तीनों लोगों को पिछली बकाया राशि की मांग करते हुए अगवा कर लिया गया और उनकी गाड़ी में रखा तंबाकू भी जब्त कर लिया गया। व्यापारी के अनुसार, जब उन्होंने पूर्व विधायक मुस्तफा को फोन किया तो उन्हें कथित तौर पर धमकी दी गई कि अगर वह गुंटूर के गोदाम में पैसे लेकर नहीं आए, तो वह अपने बेटे को दोबारा नहीं देख पाएंगे।
YSRCP ने की कार्रवाई की निंदा
YSRCP ने इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। पार्टी प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी ने आरोप लगाया कि मुस्तफा और उनके बेटे को झूठे अपहरण केस में फंसाया जा रहा है। वहीं, पार्टी के गुंटूर जिला अध्यक्ष अंबाती रामबाबू ने इसे एक मनगढ़ंत मामला बताते हुए कहा कि यह विवाद 36 लाख रुपये के अग्रिम भुगतान को लेकर शुरू हुआ था, जिसे आपराधिक रूप दे दिया गया। उन्होंने कहा, "मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार पुलिस मशीनरी का इस्तेमाल YSRCP नेताओं को निशाना बनाने के लिए कर रही है, क्योंकि वे लोकतांत्रिक तरीके से हमारा सामना करने में विफल रहे हैं।"
शिकायत दर्ज होने के बाद अपहृत तीनों लोगों को रिहा कर दिया गया था। इसके बाद मुस्तफा और उनका बेटा कथित तौर पर फरार हो गए थे, जबकि उनके साथियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया था। गंभीर आरोपों के चलते मुस्तफा और उनके बेटे बशीर को जमानत देने से इनकार कर दिया गया।
इनपुट: IANS



