कुचामन में मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद 5 मरीज़ों की आंखों में गंभीर संक्रमण, जयपुर SMS अस्पताल में भर्ती
राजस्थान के सरकारी अस्पतालों में चिकित्सा सेवाओं को लेकर चल रही चिंताओं के बीच कथित लापरवाही का एक और गंभीर मामला सामने आया है। कुचामन सिटी के एक सरकारी अस्पताल में मोतियाबिंद का ऑपरेशन कराने वाले…
राजस्थान के सरकारी अस्पतालों में चिकित्सा सेवाओं को लेकर चल रही चिंताओं के बीच कथित लापरवाही का एक और गंभीर मामला सामने आया है। कुचामन सिटी के एक सरकारी अस्पताल में मोतियाबिंद का ऑपरेशन कराने वाले पाँच मरीज़ों की आँखों में गंभीर संक्रमण हो गया है, जिसके बाद उन्हें जयपुर के सवाई मानसिंह (SMS) अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इन सभी मरीज़ों की सर्जरी मंगलवार को हुई थी। ऑपरेशन के करीब 24 घंटे के भीतर ही उनकी आँखों में संक्रमण के लक्षण दिखने लगे और उनकी आँखें सफ़ेद पड़ने लगीं। हालत बिगड़ते देख उन्हें फौरन बेहतर इलाज के लिए जयपुर रेफर कर दिया गया।
विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम कर रही निगरानी
मामले की गंभीरता को देखते हुए जयपुर के SMS मेडिकल कॉलेज ने तुरंत एक उच्च-स्तरीय मेडिकल बोर्ड का गठन किया है। नेत्र रोग विभाग के अध्यक्ष डॉ. नागेंद्र सिंह शेखावत की अध्यक्षता वाली यह टीम मरीज़ों के इलाज की निगरानी कर रही है। SMS मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. दीपक माहेश्वरी ने पुष्टि की कि जैसे ही कुचामन में मरीज़ों की हालत बिगड़ने की सूचना मिली, उन्हें विशेष उपचार के लिए जयपुर भेज दिया गया।
इस मेडिकल बोर्ड में मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष डॉ. महेंद्र अग्रवाल और वरिष्ठ नेत्र विशेषज्ञ डॉ. मनीष शर्मा व डॉ. पंकज शर्मा भी शामिल हैं। डॉ. शेखावत ने बताया कि सभी का इलाज तय मेडिकल प्रोटोकॉल के तहत किया जा रहा है। उन्होंने कहा, "मरीज़ों की स्थिति गंभीर है, लेकिन उनकी आँखों और रोशनी को बचाने के लिए हर संभव कोशिश की जा रही है।"
संक्रमित मरीज़ों की पहचान
संक्रमण का शिकार हुए मरीज़ों में तीन महिलाएँ और दो पुरुष हैं। इनकी पहचान घासीराम (65), हीराराम (73), गोकुल (70), मीरा देवी (68) और नारायणी (67) के रूप में हुई है। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब राज्य में प्रसूति सेवाओं समेत अन्य चिकित्सा लापरवाही के आरोपों के चलते सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पहले से ही सवालों के घेरे में है।
इनपुट: IANS



