राजस्थान में मानसून की दस्तक: जयपुर की सड़कें बनीं तालाब, 22 जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट
बंगाल की खाड़ी में बने गहरे दबाव के कारण पूरे राजस्थान में मानसून सक्रिय हो गया है, जिससे बुधवार को राजधानी जयपुर समेत राज्य के कई हिस्सों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार…
बंगाल की खाड़ी में बने गहरे दबाव के कारण पूरे राजस्थान में मानसून सक्रिय हो गया है, जिससे बुधवार को राजधानी जयपुर समेत राज्य के कई हिस्सों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, जयपुर में दोपहर में हुई मात्र 35 मिनट की मूसलाधार बारिश ने शहर की प्रमुख सड़कों और निचले इलाकों को पानी में डुबो दिया, जिससे यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ।
जयपुर के टोंक रोड, रामबाग, परकोटा क्षेत्र, अजमेरी गेट, 22 गोदाम और सी-स्कीम जैसे व्यस्त इलाकों में जलभराव की गंभीर स्थिति देखी गई। जगतपुरा रोड पर दोपहिया वाहन चालकों और पैदल चलने वालों को खासी मुश्किलों का सामना करना पड़ा और कई लोगों को बस स्टॉप पर रुककर बारिश थमने का इंतजार करते देखा गया।
कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात
राजधानी के अलावा धौलपुर जिले में भी बारिश ने कहर बरपाया। यहां के राजाखेड़ा कस्बे में बाजार और रिहायशी इलाके पानी में डूब गए। वहीं, बसेड़ी और सैपऊ क्षेत्रों में कुछ मकानों को भी नुकसान पहुंचने की खबर है, हालांकि राहत की बात यह है कि किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
मंगलवार को भी राज्य के कई जिलों में 1 से 4 इंच तक बारिश दर्ज की गई थी, जिनमें झालावाड़, भरतपुर, जयपुर, सवाई माधोपुर, टोंक, चित्तौड़गढ़ और भीलवाड़ा शामिल हैं। पिछले 24 घंटों के आंकड़ों के मुताबिक, सबसे ज़्यादा 101 मिमी बारिश टोंक में और झालावाड़ के झालरापाटन में 87 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
मौसम विभाग की चेतावनी और पूर्वानुमान
जयपुर मौसम केंद्र के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि मानसून की यह सक्रियता अगले तीन दिनों तक बनी रहेगी। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के 22 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग का अनुमान है कि 2 अगस्त तक मानसून सक्रिय रहेगा, और विशेष रूप से 30 और 31 जुलाई को उदयपुर और कोटा संभाग में भारी से बहुत भारी वर्षा हो सकती है।
इस बारिश के चलते जयपुर, चित्तौड़गढ़, सीकर, अलवर और करौली सहित कई शहरों में तापमान में 2 से 5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली। हालांकि, श्रीगंगानगर में दिन का तापमान 41 डिग्री से ऊपर रहा, लेकिन शाम की बारिश ने वहां भी मौसम सुहाना कर दिया। मौसम विभाग ने अगस्त के पहले सप्ताह में बारिश की गतिविधियों के और तेज होने की संभावना जताई है।
इनपुट: IANS



