जम्मू-कश्मीर: पर्यटन में रिकॉर्ड उछाल, पांच साल में दस गुना बढ़े सैलानी
जम्मू-कश्मीर में पर्यटन क्षेत्र एक नई ऊंचाई पर पहुंच गया है, जहां पिछले पांच वर्षों में पर्यटकों की संख्या में लगभग दस गुना की अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की गई है। समाचार एजेंसी IANS द्वारा जारी सरकारी…
जम्मू-कश्मीर में पर्यटन क्षेत्र एक नई ऊंचाई पर पहुंच गया है, जहां पिछले पांच वर्षों में पर्यटकों की संख्या में लगभग दस गुना की अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की गई है। समाचार एजेंसी IANS द्वारा जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार, यह बढ़ोतरी अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से लगातार जारी है, जिससे केंद्र शासित प्रदेश में पर्यटन से जुड़े बुनियादी ढांचे का भी तेज़ी से विस्तार हुआ है।
आंकड़े बताते हैं कि 2020 में जहां लगभग 25.24 लाख पर्यटक आए थे, वहीं 2024 में यह संख्या बढ़कर रिकॉर्ड 2.36 करोड़ तक पहुंच गई। इस दौरान, 2021 में 1.13 करोड़, 2022 में 1.85 करोड़ और 2023 में 2.07 करोड़ पर्यटकों ने जम्मू-कश्मीर का दौरा किया। हालांकि, 2025 में यह आंकड़ा लगभग 1.78 करोड़ रहा।
बुनियादी ढांचे का विस्तार और सरकारी प्रयास
पर्यटकों की बढ़ती आमद को देखते हुए क्षेत्र में इंफ्रास्ट्रक्चर को बड़ा बढ़ावा मिला है। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के मुताबिक, पिछले छह वर्षों में कई नए होटल और गेस्ट हाउस बनाए गए हैं। इसके साथ ही, बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए 20,000 से अधिक नए पर्यटक वाहन भी जोड़े गए हैं। होटल, गेस्ट हाउस, होमस्टे और परिवहन सेवाओं में बड़े पैमाने पर निवेश हुआ है।
पर्यटकों के अनुभव और सुरक्षा पर भरोसा
दिल्ली, गुजरात और अन्य राज्यों से आए पर्यटकों ने IANS के साथ बातचीत में अपने सकारात्मक अनुभव साझा किए। उनका कहना है कि बेहतर बुनियादी ढांचे और सुरक्षा की मजबूत स्थिति ने उन्हें कश्मीर आने के लिए प्रोत्साहित किया है। गुजरात से दूसरी बार आईं एक महिला पर्यटक ने कहा, “पिछली बार 2022-23 में आई थी। इस बार स्थिति बेहद अच्छी है... आर्मी की सुरक्षा बहुत अच्छी है।” वहीं, 2010 में अमरनाथ यात्रा पर आए एक अन्य पर्यटक ने कहा, “उस समय की तुलना में काफी बड़ा बदलाव आया है। कश्मीर अन्य राज्यों की तरह है। कोई परेशानी की बात नहीं है।”
चुनौतियों के बाद उद्योग की वापसी
पर्यटन उद्योग से जुड़े लोगों का मानना है कि कोविड-19 महामारी के बाद 2022, 2023 और 2024 बेहतरीन साल साबित हुए। हालांकि, अप्रैल 2025 में पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने कुछ समय के लिए पर्यटन को प्रभावित किया था, जिससे निवेशकों में चिंता पैदा हुई। होटल व्यवसायी रऊफ ने कहा, “पहलगाम घटना के बाद स्थिति खराब थी... लेकिन, इस साल मई महीने के बाद पर्यटन सीजन में जोरदार उछाल देखने को मिल रहा है।” मई, जून और जुलाई में पर्यटकों की अच्छी संख्या ने उद्योग में एक नया विश्वास जगाया है।
इनपुट: IANS



