अभिषेक बनर्जी की 'ब्लैंकेट प्रोटेक्शन' वाली याचिका खारिज, पर 3 मामलों में मिली अंतरिम राहत
तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी को कलकत्ता हाई कोर्ट से एक मामले में झटका लगा है, तो वहीं दूसरे में राहत मिली है। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, अदालत ने उनकी उस याचिका को खारिज कर…
तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी को कलकत्ता हाई कोर्ट से एक मामले में झटका लगा है, तो वहीं दूसरे में राहत मिली है। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, अदालत ने उनकी उस याचिका को खारिज कर दिया है जिसमें उन्होंने भविष्य में अपने खिलाफ दर्ज होने वाली सभी एफआईआर में अग्रिम संरक्षण (ब्लैंकेट प्रोटेक्शन) की मांग की थी।
न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य की एकल पीठ ने गुरुवार को यह स्पष्ट किया कि भविष्य की सभी एफआईआर पर एक साथ सुरक्षा नहीं दी जा सकती। अदालत ने निर्देश दिया कि यदि अभिषेक बनर्जी के खिलाफ कोई नई एफआईआर दर्ज होती है, तो उन्हें इसके लिए अलग से पूरक याचिका दायर करनी होगी और संबंधित शिकायतकर्ता को भी पक्षकार बनाना होगा।
पहले से दर्ज 3 FIR पर रोक
हालांकि, अदालत ने बनर्जी को पहले से दर्ज तीन एफआईआर के मामलों में बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने 6 अगस्त तक इन मामलों में उनकी गिरफ्तारी समेत किसी भी तरह की कठोर पुलिस कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगा दी है। इसी दिन मामले की अगली सुनवाई निर्धारित की गई है। ये एफआईआर 27 मई को भवानीपुर, 1 जून को कालीतला और 16 जून को बिष्णुपुर थानों में दर्ज की गई थीं।
सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल ने वर्चुअल माध्यम से पेश होकर भविष्य की सभी संभावित एफआईआर पर अग्रिम सुरक्षा देने की मांग का कड़ा विरोध किया। उन्होंने दलील दी कि सिर्फ राजनीतिक प्रतिशोध की आशंका के आधार पर भविष्य में दर्ज होने वाली शिकायतों को पहले से रद्द नहीं किया जा सकता या उन पर संरक्षण नहीं दिया जा सकता।
पुराने मामलों में भी मिली है राहत
यह पहली बार नहीं है जब अभिषेक बनर्जी को अदालत से राहत मिली है। इससे पहले भी पश्चिम बंगाल सीआईडी की दो अलग-अलग जांचों में उन्हें अंतरिम संरक्षण मिल चुका है। इनमें एक मामला टीएमसी विधायकों के 'मिसमैच' प्रकरण से और दूसरा कथित हेट स्पीच से जुड़ा था। उन पर चुनाव प्रचार के दौरान हिंसा भड़काने वाले बयान देने और केंद्रीय गृह मंत्री को धमकी देने के आरोप लगे थे।
इनपुट: IANS



