गुरूवार, 30 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
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वेदांता का तिमाही मुनाफा 18% घटा, अब रियल एस्टेट कारोबार को करेगी अलग

प्रमुख खनन और धातु कंपनी वेदांता लिमिटेड का मुनाफा चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में पिछली तिमाही की तुलना में 18% कम हो गया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, मुनाफे में यह गिरावट लाग…

वेदांता का तिमाही मुनाफा 18% घटा, अब रियल एस्टेट कारोबार को करेगी अलग
(फोटो: IANS)

प्रमुख खनन और धातु कंपनी वेदांता लिमिटेड का मुनाफा चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में पिछली तिमाही की तुलना में 18% कम हो गया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, मुनाफे में यह गिरावट लागत बढ़ने के बावजूद हुई है। हालांकि, जिंक, कॉपर और सिल्वर जैसे प्रमुख व्यवसायों के शानदार प्रदर्शन ने कंपनी के नतीजों को काफी हद तक सहारा दिया।

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तिमाही नतीजों के साथ कंपनी ने एक बड़ा फैसला भी लिया है। वेदांता के निदेशक मंडल (Board) ने अपने रियल एस्टेट कारोबार को एक अलग कंपनी बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस नई कंपनी का नाम 'वेदांता प्रॉपर्टी प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड' होगा। कंपनी का कहना है कि यह कदम गैर-प्रमुख संपत्तियों का बेहतर मूल्य हासिल करने के लिए उठाया गया है।

तिमाही नतीजों की मुख्य बातें

एक्सचेंज को दी गई जानकारी के मुताबिक, अप्रैल-जून 2026 तिमाही में वेदांता का एकीकृत शुद्ध लाभ (Consolidated Net Profit) 5,473 करोड़ रुपए रहा। यह जनवरी-मार्च तिमाही के 6,698 करोड़ रुपए के मुकाबले 18 प्रतिशत कम है। इसी तरह, कंपनी का परिचालन से राजस्व भी लगभग 1 प्रतिशत घटकर 23,456 करोड़ रुपए पर आ गया।

हालांकि, अगर पिछले साल की इसी तिमाही से तुलना करें तो कंपनी की लाभप्रदता (Profitability) में सुधार हुआ है। कंपनी का नेट प्रॉफिट मार्जिन 12% से बढ़कर 22% हो गया है। इस दौरान कच्चे माल की लागत 37% और कुल खर्च 33% बढ़कर 17,558 करोड़ रुपए पर पहुंच गया।

किन कारोबारों ने दिया सहारा

बढ़ती लागत के बीच भारत में कंपनी के जिंक और लेड कारोबार का राजस्व लगभग 50% बढ़ा, जबकि कॉपर कारोबार से आय 34% बढ़ी। सिल्वर यानी चांदी के कारोबार का प्रदर्शन सबसे शानदार रहा, जहां से मिलने वाला राजस्व दोगुने से भी ज्यादा हो गया। वेदांता समूह की अन्य कंपनियां, जैसे हिंदुस्तान जिंक और वेदांता एल्युमीनियम मेटल कंपनी, भी हाल में मजबूत मुनाफा दर्ज कर चुकी हैं।

डीमर्जर और CEO की नियुक्ति

रियल एस्टेट कारोबार के डीमर्जर की प्रक्रिया सभी जरूरी मंजूरियों के बाद पूरी होगी। इसके तहत वेदांता लिमिटेड के शेयरधारकों को हर 20 शेयरों के बदले नई प्रॉपर्टी कंपनी का एक शेयर मिलेगा।

इसके अलावा, बोर्ड ने अरुण मिश्रा को 1 अगस्त, 2026 से एक साल के लिए फिर से कंपनी का कार्यकारी निदेशक और सीईओ नियुक्त करने को मंजूरी दी है। मिश्रा वर्तमान में हिंदुस्तान जिंक के प्रमुख हैं और अब वहां से हटकर वेदांता की कमान संभालेंगे। इस नियुक्ति पर अभी शेयरधारकों की अंतिम मुहर लगनी बाकी है।

इनपुट: IANS

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News4Social बिज़नेस डेस्क

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