गुवाहाटी: LNIPE छात्रा की मौत पर केंद्रीय मंत्री सिंधिया की दखल, निष्पक्ष जांच और मुआवजे की मांग की
गुवाहाटी के लक्ष्मीबाई नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फिजिकल एजुकेशन (LNIPE) कैंपस में एक छात्रा की मौत का मामला अब केंद्रीय स्तर पर पहुँच गया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य…
गुवाहाटी के लक्ष्मीबाई नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फिजिकल एजुकेशन (LNIPE) कैंपस में एक छात्रा की मौत का मामला अब केंद्रीय स्तर पर पहुँच गया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस मामले में दखल देते हुए केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया से मुलाकात की है और छात्रों की मांगों पर तत्काल कार्रवाई का आग्रह किया है।
यह मामला 22 वर्षीय छात्रा श्रुति उपाध्याय की मौत से जुड़ा है, जिनकी 8 सितंबर को गुवाहाटी के नेमकेयर अस्पताल में मृत्यु हो गई थी। वह बीपीएड तृतीय वर्ष की छात्रा और टेनिस खिलाड़ी थीं। उन्हें पेट में तेज दर्द की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
क्या हैं आरोप और मांगें?
छात्रों का आरोप है कि श्रुति लगभग एक हफ्ते से बीमार थीं और उन्होंने संस्थान के स्वास्थ्य केंद्र में अपनी तकलीफ बताई थी, लेकिन उनकी शिकायतों को कथित तौर पर नजरअंदाज कर सिर्फ दर्द निवारक दवाएं दी गईं। बाद में जब उनकी हालत बिगड़ी, तो उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद संस्थान के गुवाहाटी और ग्वालियर, दोनों परिसरों के छात्रों ने चिकित्सा लापरवाही और प्रशासनिक खामियों का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है।
शनिवार को केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने खेल मंत्री मनसुख मांडविया के सामने छात्रों की कई मांगें रखीं, जिनमें शामिल हैं:
- मृतक छात्रा श्रुति उपाध्याय के परिवार को 50 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए।
- मेडिकल लापरवाही और प्रशासनिक खामियों की निष्पक्ष जांच हो।
- आरोपों के केंद्र में रहे संबंधित वार्डन के खिलाफ जांच हो और दोषी पाए जाने पर उन्हें निलंबित कर नौकरी से हटाया जाए।
- एलएनआईपीई, ग्वालियर के रजिस्ट्रार यतेंद्र कुमार सिंह को तत्काल हटाया जाए या उनका तबादला किया जाए।
"दोषी बख्शे नहीं जाएंगे": सिंधिया
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने छात्रों और श्रुति के परिवार को निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिया है। उन्होंने एक बयान में कहा, "अगर इस मामले में कोई दोषी पाया जाता है तो उसे किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। श्रुति और उनके परिवार को निश्चित रूप से न्याय मिलेगा।"
उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों की सुरक्षा और हित सर्वोपरि हैं और किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। सिंधिया ने श्रुति के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए उनके परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं।
इनपुट: IANS



