रविवार, 13 सितम्बर 2026 · नई दिल्ली
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भरतपुर: नाबालिग से मारपीट और झूठे केस में फंसाने का आरोप, 7 पुलिसकर्मियों पर POCSO के तहत FIR

राजस्थान के भरतपुर में सात पुलिसकर्मियों के खिलाफ एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें उन पर एक 16 वर्षीय किशोर से मारपीट करने, धमकी देने और उसे अवैध हथियार के झूठे मामले में फंसाने का आरोप लगा है…

भरतपुर: नाबालिग से मारपीट और झूठे केस में फंसाने का आरोप, 7 पुलिसकर्मियों पर POCSO के तहत FIR
(फोटो: IANS)

राजस्थान के भरतपुर में सात पुलिसकर्मियों के खिलाफ एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें उन पर एक 16 वर्षीय किशोर से मारपीट करने, धमकी देने और उसे अवैध हथियार के झूठे मामले में फंसाने का आरोप लगा है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, अदालत के हस्तक्षेप के बाद इन पुलिसकर्मियों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट समेत कई अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया है। आरोपियों में जिला स्पेशल टीम (DST) के पांच पुलिसकर्मी और मथुरा गेट थाने में तैनात एक सहायक उपनिरीक्षक (ASI) शामिल हैं।

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यह पूरा मामला नाबालिग की बुआ द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के बाद सामने आया। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि डीएसटी के कांस्टेबल दशरथ ने किशोर से हर महीने 10,000 रुपये की मांग की थी। किशोर ने पिछले साल दिसंबर में किराए पर कार चलाने का व्यवसाय शुरू किया था, जिसके बाद यह मांग शुरू हुई।

क्या हैं पूरे आरोप?

परिवार का कहना है कि डर के कारण किशोर ने तीन महीने तक पैसे दिए, लेकिन बाद में कारोबार बंद होने पर उसने पैसे देने से इनकार कर दिया। शिकायत के मुताबिक, इसी बात पर कांस्टेबल दशरथ ने उसे झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी। घटना 21 अगस्त की है, जब नाबालिग खाटू श्यामजी से लौट रहा था। आरोप है कि डीएसटी के दो पुलिसकर्मी अंकित और मनवीर उसे यह कहकर ले गए कि कांस्टेबल दशरथ ने बुलाया है।

शिकायत में बताया गया है कि डीएसटी कार्यालय में दशरथ और अन्य पुलिसकर्मियों ने किशोर को बेल्ट, लात और घूंसों से पीटा। कांस्टेबल हरिओम पर उसे प्रताड़ित करने का भी आरोप है। बाद में शाम करीब 5 बजे एएसआई शिवलाल दो अन्य पुलिसकर्मियों के साथ वहां पहुंचे।

देसी कट्टा रखकर वीडियो बनाने का आरोप

शिकायतकर्ता के अनुसार, पुलिसकर्मी किशोर की आंखों पर पट्टी बांधकर उसे एक सुनसान जगह ले गए। वहां उन्होंने एक बैग से देसी कट्टा निकालकर उसके पैर पर लगाया और धमकी दी कि अगर वह उनके मनमुताबिक वीडियो बयान नहीं देगा तो उसे गोली मार दी जाएगी। आरोप है कि इसके बाद वही कट्टा किशोर की पैंट में रखकर तलाशी का नाटक करते हुए उसकी बरामदगी का वीडियो बना लिया गया। इसी वीडियो के आधार पर 21 अगस्त को किशोर के खिलाफ अवैध हथियार रखने का केस दर्ज कर लिया गया।

अदालत के आदेश पर दर्ज हुई FIR

जब परिवार को मामले का पता चला, तो उन्होंने थाने जाकर नाबालिग की जमानत कराई। घर आने पर उन्होंने किशोर के शरीर पर चोट के गंभीर निशान देखे, जिसके बाद उन्होंने अदालत का दरवाजा खटखटाया। शिकायतकर्ता के वकील परमवीर सोगरवाल ने बताया कि 26 अगस्त को अदालत में अर्जी दी गई थी। अदालत ने मथुरा गेट थाना प्रभारी हरलाल मीणा को तलब कर FIR दर्ज करने का निर्देश दिया, जिसके बाद शुक्रवार को मामला दर्ज हुआ।

थाना प्रभारी हरलाल मीणा ने पुष्टि की है कि नाबालिग की बुआ की शिकायत पर दशरथ, अंकित, सत्यवीर, हरिओम, अभिमन्यु, एएसआई शिवलाल और एक अन्य पुलिसकर्मी के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। मामले की जांच अब अटल बंध थाने के प्रभारी हेमेंद्र चौधरी को सौंपी गई है। पुलिस का कहना है कि आरोपों की जांच की जा रही है और सच्चाई जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी।

इनपुट: IANS

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News4Social राजस्थान डेस्क

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