जड़ाऊ गोल्ड ज्वेलरी की चमक से भारतीय रत्न-आभूषण निर्यात में 12.5% का उछाल
भारतीय रत्न एवं आभूषण उद्योग ने इस साल अगस्त में निर्यात के मोर्चे पर शानदार प्रदर्शन किया है, जिसका मुख्य श्रेय जड़ाऊ सोने के आभूषणों (studded gold jewellery) की वैश्विक मांग में आई जोरदार तेजी को…
भारतीय रत्न एवं आभूषण उद्योग ने इस साल अगस्त में निर्यात के मोर्चे पर शानदार प्रदर्शन किया है, जिसका मुख्य श्रेय जड़ाऊ सोने के आभूषणों (studded gold jewellery) की वैश्विक मांग में आई जोरदार तेजी को जाता है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, अगस्त 2026 में भारत का कुल रत्न एवं आभूषण निर्यात पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 12.52% बढ़कर 21,945.87 करोड़ रुपए पर पहुँच गया।
यह बढ़ोतरी वैश्विक बाज़ारों, खासकर अमेरिका और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में भारतीय आभूषणों की बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाती है। यह इस बात का भी संकेत है कि भारत अब सिर्फ कच्चे माल का निर्यातक नहीं, बल्कि तैयार और अधिक मूल्य वाले उत्पादों के एक बड़े केंद्र के रूप में उभर रहा है।
जड़ाऊ आभूषणों ने संभाला मोर्चा
रत्न एवं आभूषण निर्यात संवर्धन परिषद (GJEPC) के जारी आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त में सबसे बेहतरीन प्रदर्शन जड़ाऊ सोने के आभूषणों की श्रेणी का रहा। इस श्रेणी का निर्यात 64.96% की ज़बरदस्त वृद्धि के साथ 642.85 मिलियन डॉलर तक पहुँच गया। अमेरिका, यूएई, हांगकांग, ब्रिटेन और फ्रांस जैसे प्रमुख बाज़ारों ने इस तेज़ी में सबसे बड़ा योगदान दिया। GJEPC ने कहा कि यह रुझान देश के लिए काफी अहम है क्योंकि इससे विनिर्माण क्षेत्र में ज़्यादा मूल्य जुड़ता है और रोज़गार के अवसर पैदा होते हैं।
कट और पॉलिश्ड हीरों की स्थिति
हालांकि, कट और पॉलिश्ड हीरों के निर्यात में मूल्य के हिसाब से दबाव बना हुआ है, लेकिन मात्रा के आधार पर इसमें सुधार देखा गया। अगस्त 2026 में 13.36 लाख कैरेट हीरों का निर्यात हुआ, जबकि पिछले साल इसी महीने यह आंकड़ा 12.94 लाख कैरेट था। GJEPC के अध्यक्ष किरित भंसाली के अनुसार, यह दर्शाता है कि "भारत केवल कच्चे या अर्ध-प्रसंस्कृत उत्पादों पर निर्भर नहीं है, बल्कि मूल्यवर्धित तैयार आभूषणों के क्षेत्र में भी अपनी वैश्विक स्थिति मजबूत कर रहा है।"
चांदी और लैब-ग्रोन डायमंड्स भी चमके
मौजूदा वित्त वर्ष (अप्रैल-अगस्त 2026) के दौरान चांदी के आभूषणों के निर्यात में 35.57% की प्रभावशाली वृद्धि दर्ज की गई। वहीं, प्लैटिनम आभूषणों का निर्यात भी 19.67% बढ़कर 953.36 करोड़ रुपए हो गया। एक और उभरता हुआ क्षेत्र, लैब में तैयार होने वाले हीरों (Lab-Grown Diamonds) का रहा, जिसका निर्यात इसी अवधि में 11.76% बढ़कर 5,076.61 करोड़ रुपए पर पहुँच गया। हालांकि, रंगीन रत्नों (कलर्ड जेमस्टोन्स) के निर्यात में 1.92% की मामूली गिरावट देखी गई।
इनपुट: IANS



