RBI गवर्नर: AI कंपनियों का वैल्यूएशन गिरा तो भारत को होगा फायदा, बढ़ सकता है विदेशी निवेश
अगर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी कंपनियों के मूल्यांकन में वैश्विक स्तर पर कोई कमी आती है, तो इसका भारत पर सकारात्मक असर पड़ सकता है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने…
अगर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी कंपनियों के मूल्यांकन में वैश्विक स्तर पर कोई कमी आती है, तो इसका भारत पर सकारात्मक असर पड़ सकता है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने शनिवार को कहा कि ऐसी स्थिति में भारत में पूंजी का प्रवाह बढ़ सकता है, भले ही वैश्विक निवेश का माहौल धीमा हो। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने यह बात नई दिल्ली में आयोजित कौटिल्य इकोनॉमिक कॉन्क्लेव 2023 में कही।
गवर्नर ने समझाया कि हाल के वर्षों में AI में निवेश की होड़ वैश्विक वित्तीय बाजारों के लिए एक बड़ी प्रेरक शक्ति रही है। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि अगर AI से जुड़े निवेश या कमाई में कोई गिरावट आती है, तो इस सेक्टर की वित्तीय संपत्तियों की कीमतों में बड़ा फेरबदल हो सकता है।
वैश्विक जोखिम, भारत के लिए अवसर
शक्तिकांत दास ने कहा, "अगर विकसित देशों में AI से जुड़ी वैल्यूएशन में सुधार (कमी) होता है, तो इससे (भारत में) पूंजी के प्रवाह पर सकारात्मक असर पड़ सकता है।" उन्होंने AI कंपनियों के अत्यधिक ऊंचे वैल्यूएशन को अंतरराष्ट्रीय वित्तीय प्रणाली के सामने मौजूद पांच प्रमुख चिंताओं में से एक बताया।
उन्होंने भारतीय इक्विटी बाजार में हाल के महीनों में ऊंचे वैल्यूएशन में हुए सुधार का भी जिक्र किया, लेकिन इसे एक सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा बताया।
वित्तीय प्रणाली के लिए अन्य खतरे
RBI गवर्नर के अनुसार, AI वैल्यूएशन के अलावा चार अन्य बड़े जोखिम भी हैं, जिन पर नजर रखने की जरूरत है। इनमें वैश्विक स्तर पर बढ़ता कर्ज, नॉन-बैंक फाइनेंशियल सेक्टर में लीवरेज (उधार लेकर किया गया निवेश), प्राइवेट क्रेडिट का बढ़ता जोखिम और साइबर सुरक्षा से जुड़े खतरे शामिल हैं।
हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि इन कमजोरियों का मतलब यह नहीं है कि कोई वित्तीय संकट तुरंत आने वाला है। दास ने कहा, "ऐसा नहीं है कि मुझे संकट के कोई तुरंत संकेत दिख रहे हैं, लेकिन हमें इन जोखिमों को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है।" उन्होंने भरोसा जताया कि देश अपनी मजबूत व्यापक आर्थिक बुनियाद और बैंकों की मजबूत बैलेंस शीट के दम पर चुनौतीपूर्ण वैश्विक माहौल का सामना कर रहा है।
इनपुट: IANS



